मुरैना जिले में जातिगत, सामुदायिक और सांप्रदायिक घटनाओं से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ ने BNSS 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है और 13 नवंबर 2026 या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। इसके तहत बिना अनुमति रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन, अनशन, पदयात्रा, बाइक रैली और अन्य बड़े सार्वजनिक आयोजन नहीं किए जा सकते।
धारा 163 के बीच गुर्जर समाज ने निकाली रैली
प्रतिबंधात्मक आदेश लागू होने के बावजूद मंगलवार को गुर्जर समाज के लोग पीडब्ल्यूडी सर्किट हाउस परिसर में जुटे और वाहन व बाइक रैली निकाली। रैली पुलिस अधीक्षक कार्यालय और नेशनल हाईवे-44 के मुख्य गेट से होते हुए रिठोरा क्षेत्र के बटेश्वरा मंदिर तक निकाली जा रही है। रैली के आगे पुलिस के वाहन भी चलते नजर आए।
रैली को गुर्जर नेता और आजाद समाज पार्टी के नेता रविंद्र भाटी ने संबोधित किया। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, "प्रशासन यह न समझे कि हम संविधान को मानते हैं तो कुछ नहीं करेंगे। हम युद्ध और बुद्ध दोनों को मानते हैं।"
भाटी ने कहा कि जो अधिकारी अपने आकाओं को खुश करने के लिए गुर्जर समाज को रैली की अनुमति नहीं देते और जातिगत समीकरण देखकर धरना-रैली की अनुमति देते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि समाज पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, "हम रैली जरूर निकालेंगे।"
बिना अनुमति बड़े आयोजन पर रोक
प्रशासन के आदेश के मुताबिक रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन, अनशन, पदयात्रा, बाइक यात्रा और अन्य बड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए संबंधित SDM से अनुमति लेना जरूरी है। अगर आयोजन एक से ज्यादा अनुविभाग की सीमा में आता है तो अनुमति अपर जिला दंडाधिकारी या उससे वरिष्ठ अधिकारी से लेनी होगी।
अनुमति मिलने के बाद भी ऐसा कोई भाषण या गतिविधि नहीं की जा सकेगी, जिससे सामाजिक सौहार्द या कानून-व्यवस्था प्रभावित हो।
हथियार और भड़काऊ भाषण पर भी प्रतिबंध
सार्वजनिक आयोजनों में चाकू, छुरी, तलवार समेत किसी भी धारदार हथियार और वैध-अवैध अस्त्र-शस्त्र के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। भड़काऊ भाषण और आपत्तिजनक सामग्री के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट और फॉरवर्ड करने पर भी रोक
प्रशासन ने WhatsApp, Facebook, Instagram, Telegram और X समेत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक, भड़काऊ या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री पोस्ट, शेयर, फॉरवर्ड या रीपोस्ट करने पर रोक लगाई है।
किसी सोशल मीडिया ग्रुप में ऐसी सामग्री आने पर ग्रुप एडमिन को उसे तुरंत हटाकर पुलिस के संज्ञान में लाना होगा। ऐसा नहीं करने पर एडमिन के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
2018 और 2021 की घटनाओं का भी जिक्र
कलेक्टर के आदेश में मुरैना और चंबल क्षेत्र में पहले हुई जातिगत और सामुदायिक घटनाओं का भी हवाला दिया गया है। इसमें अप्रैल 2018 में एससी-एसटी एक्ट से जुड़े आदेश के बाद हुई जातिगत हिंसा और सितंबर 2021 में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा स्थापना को लेकर दो समुदायों के बीच हुए विवाद का उल्लेख है।
प्रशासन का कहना है कि आगामी दिनों में भी जातिगत, सामुदायिक या सांप्रदायिक घटनाओं से लोक प्रशांति प्रभावित होने की आशंका है। इसी को देखते हुए एहतियात के तौर पर धारा 163 लागू की गई है।
पूरे जिले में लागू, उल्लंघन पर कार्रवाई
यह आदेश मुरैना जिले की पूरी राजस्व सीमा में लागू है। जिले में रहने वाले लोगों के साथ यहां आने-जाने वाले लोगों पर भी यह प्रभावी रहेगा।
प्रशासन ने कहा है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ BNS की धारा 223 और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। परिस्थितियों को देखते हुए आदेश को BNSS की धारा 163 की उपधारा (2) के तहत एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है।