मक्सी। जिले में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के तहत मक्सी पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों में छोड़ी गई एक मोटरसाइकिल से करीब 3.02 लाख रुपए कीमत का मशरूका जब्त किया है। पुलिस के अनुसार मोटरसाइकिल पर तीन व्यक्ति सवार थे, जो पुलिस को देखकर बाइक छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल की ओर फरार हो गए। मामले में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक शाजापुर प्रियंका शुक्ला के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय एवं एसडीओपी बेरछा नागेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक मदन इवने द्वारा रोड गश्त, रात्रि गश्त एवं प्रभात गश्त के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में 14 सितंबर 2026 की शाम करीब 6:40 बजे रात्रि गश्त टीम मक्सी थाने से रवाना हुई। टीम द्वारा मक्सी-जलालपुरा बायपास स्थित हाईवे रोड पर लाइटों की रोशनी में संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान करीब 7:20 बजे शाजापुर की ओर से एक काले रंग की होंडा यूनिकॉर्न मोटरसाइकिल आती दिखाई दी, जिस पर तीन व्यक्ति सवार थे। मोटरसाइकिल पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी।
पुलिस टीम ने बाइक को रोकने का प्रयास किया तो चालक ने मोटरसाइकिल को तेज गति से वापस शाजापुर की ओर भगाने का प्रयास किया। संदिग्ध गतिविधि प्रतीत होने पर पुलिस ने पीछा किया। मक्सी हाईवे स्थित रेलवे ओवरब्रिज के पास तीनों व्यक्ति मोटरसाइकिल छोड़कर अंधेरे का लाभ उठाते हुए जंगल की ओर फरार हो गए।
इसके बाद पुलिस टीम ने पंचों एवं हमराह बल की मौजूदगी में मोटरसाइकिल की तलाशी ली। बाइक के हैंडल के बाईं ओर लटके सफेद रंग के झोले से चांदी जैसी धातु के पुराने इस्तेमाल किए हुए आभूषण मिले। इनमें 28 बिछिया, 17 पायल, एक छोटी चूड़ी तथा करीब 800 से 900 ग्राम वजन का चांदी जैसा धातु का नारियल शामिल है। इसके अलावा एक कटर, बड़ा स्क्रूड्राइवर और लोहे का एडजेस्टेबल पाना भी मिला।
पुलिस ने होंडा यूनिकॉर्न मोटरसाइकिल सहित कुल करीब 3 लाख 2 हजार रुपए कीमत का मशरूका जब्त किया है। पुलिस के अनुसार उक्त सामग्री एवं मोटरसाइकिल के चोरी का होने के संदेह के आधार पर धारा 106 BNSS एवं धारा 305(C) BNS के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। फरार तीनों व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका-
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मदन इवने, उप निरीक्षक मनोहर चौहान, सहायक उप निरीक्षक संतोष रघुवंशी, प्रधान आरक्षक 697 आनंद शर्मा, प्रधान आरक्षक 82 ध्रुवनारायण यादव, आरक्षक 181 कमल परमार एवं ड्राइवर 112 अजय सिसोदिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।