दतिया। पंडोखर धाम के गुरुशरण महाराज, जिन्हें पंडोखर सरकार के नाम से भी जाना जाता है, ने कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को खुली चुनौती दी है। 13 सितंबर को दिए अपने भाषण में गुरुशरण महाराज ने कहा कि यदि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री में दम है तो पंडोखर धाम में होने वाले यज्ञ में पांच सवालों में से चार के जवाब हूबहू सही बताकर दिखाएं।
गुरुशरण महाराज ने अपने संबोधन के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर निशाना साधते हुए उनके भाई के जेल जाने का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पर्ची के जरिए भविष्य की जानकारी बताने का दावा किया जाता है तो यह क्यों नहीं बताया जा सका कि भाई क्या करने वाला है और वह जेल से कब बाहर आएगा।
उन्होंने आगे कहा कि जो व्यक्ति अपने भाई और पिता को नहीं सुधार पाया, वह दूसरों को क्या सुधार पाएगा। गुरुशरण महाराज ने अपने भाषण में नशा मुक्ति और जेल का जिक्र करते हुए भी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर तंज कसा और कई आरोप लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को कितना ब्लैकमेल और गुमराह किया जाएगा।
गुरुशरण महाराज ने कहा कि वे भीख मांगकर काम नहीं करते, बल्कि अपनी विद्या के दम पर लेते हैं। उन्होंने दावा किया कि वे किसी चौनल पर रोते-गाते नजर नहीं आएंगे कि उन्हें कुछ दे दिया जाए।
पांच सवालों का दिया खुला चैलेंज
गुरुशरण महाराज ने कहा कि पंडोखर धाम में होने वाले यज्ञ की तिथि तय कर दी गई है। इसी यज्ञ के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को पांच सवाल दिए जाएंगे और उन्हें पांच में से चार सवालों के जवाब हूबहू सही बताने होंगे। उन्होंने इसे अपना खुला चैलेंज बताया। साथ ही उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के गुरु का जिक्र करते हुए भी चुनौती दी।
गौरतलब है कि गुरुशरण महाराज वर्ष 1999 से पंडोखर धाम में दरबार लगाने का दावा करते हैं। यहां देश-विदेश से श्रद्धालु अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। गुरुशरण महाराज का दावा है कि वे भक्तों से उनकी समस्या पूछे बिना ही उनके नाम, साथ आए लोगों की संख्या और समस्या को पर्ची पर लिख देते हैं।
अपने बयानों, चमत्कारी दावों, राजनीतिक गतिविधियों और अन्य कथावाचकों को दी जाने वाली चुनौतियों के चलते गुरुशरण महाराज अक्सर चर्चा में रहते हैं। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से इस चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा।