जावद। मुक्तिधाम क्षेत्र के पास अखाड़ा उस्ताद मोहनलाल प्रजापत पर चार-पांच लोगों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में मोहनलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर और हाथ की एक उंगली में चोट बताई जा रही है। उनका नीमच जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
मोहनलाल प्रजापत के अनुसार, घटना 20 सितंबर की रात करीब 11.30 से 12 बजे के बीच की है। वे जावद स्थित श्री मंशापूर्ण बजरंग व्यायामशाला में बच्चों को अखाड़े का अभ्यास करवाने के बाद अपने साथी मदन को छोड़कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान मुक्तिधाम के पास अंधेरे में घात लगाकर बैठे चार-पांच लोगों ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
लोहे की रॉड और डंडों से हमला करने का आरोप-
पीड़ित के मुताबिक, हमलावरों के पास लोहे की रॉड, डंडे और धारदार हथियार थे। उन्होंने बचने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि हमलावरों ने उन पर लगातार वार किए। हमले में उनके दोनों पैरों और हाथ में चोटें आईं।
मोहनलाल ने कुछ हमलावरों की पहचान किए जाने की बात कही है। उन्होंने सुनील माली और अमन बैरागी सहित चार-पांच लोगों पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है। हालांकि, घटना में कौन-कौन शामिल था और हमले के पीछे वास्तविक कारण क्या था, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
अखाड़े की जमीन को लेकर विवाद की आशंका-
मोहनलाल प्रजापत ने हमले के पीछे अखाड़े की जमीन से जुड़े विवाद की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि कुछ लोग अखाड़े की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। इसी विवाद के चलते उन्होंने करीब दो महीने तक अखाड़े में जाना भी बंद कर दिया था।
पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल-
अस्पताल में उपचार के दौरान मोहनलाल ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके बताए घटनाक्रम और बयानों के अनुरूप मामला दर्ज नहीं किया तथा घटना को अलग स्वरूप देने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बयान दर्ज करते समय उन्हें पूरी जानकारी पढ़कर नहीं सुनाई गई और उनके हस्ताक्षर करवा लिए गए।
मोहनलाल ने पुलिस से हमले में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।