चित्तौड़गढ़। राशमी थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हिस्ट्रीशीटर चिराग खटीक की हत्या की कथित साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एक देशी कट्टा, एक रिवॉल्वर, चार जिंदा कारतूस, धारदार हथियार और वारदात में प्रयुक्त क्रेटा व स्विफ्ट कार जब्त की गई हैं। प्रारंभिक पूछताछ में मामला आपसी वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा होना सामने आया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में दो चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी क्षेत्र तथा चार सूरत, गुजरात के रहने वाले हैं। पुलिस का कहना है कि गैंग हिस्ट्रीशीटर चिराग खटीक की तलाश में थी और हथियारों से लैस होकर राशमी पहुंची थी।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दी दबिश-
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को राशमी थानाधिकारी गेहरी लाल गुर्जर को मुखबिर से सूचना मिली। वहीं जिला स्पेशल टीम के एएसआई सूरज कुमार और हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह ने भी टेलीफोन के माध्यम से सूचना दी कि चित्तौड़गढ़ सदर थाने के ए-श्रेणी हिस्ट्रीशीटर चिराग खटीक निवासी सेंगवा हाउसिंग बोर्ड, सेंती की हत्या के लिए राहुल खटीक निवासी राशमी की गैंग उसे तलाश रही है। सूचना में गैंग के हथियारों से लैस होकर राशमी आने की जानकारी भी दी गई।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए महानिरीक्षक पुलिस उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव के निर्देशन में चलाए जा रहे संगठित अपराध एवं गैंगवार जैसे गंभीर अपराधों की रोकथाम के विशेष अभियान के तहत कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा और डीएसपी गंगरार उदय सिंह चुंडावत के निकट सुपरविजन में राशमी पुलिस ने राहुल खटीक के मकान पर दबिश दी।
हथियारों के साथ छह बदमाश गिरफ्तार-
पुलिस ने मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। राहुल खटीक के कब्जे से एक देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस, जबकि अजय भरवाड़ के कब्जे से एक देशी रिवॉल्वर और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। वहीं चिराग यादव, फैजान उस्मानी, काना रविंद्र और राहुल कीर के कब्जे से लोहे के धारदार हथियार जब्त किए गए।
पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त क्रेटा और स्विफ्ट कार भी जब्त की हैं। मामले में संगठित अपराध की तैयारी और आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस हथियारों, वाहनों और कथित वारदात की योजना के संबंध में विस्तृत जांच कर रही है।
गुजरात में फिरौती के मामले में भी कार्रवाई का दावा-
पुलिस के अनुसार गैंग के कुछ सदस्यों के खिलाफ गुजरात में अपहरण, फिरौती, मारपीट, शराब तस्करी और एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि गैंग ने पूर्व में सूरत के व्यवसायी कोमिल अनवर अली निवासी उमरा, सूरत को जिम जाते समय वाहन से टक्कर मारकर गिराया और उसका अपहरण कर एक करोड़ रुपये की फिरौती वसूल की थी। इस मामले में सूरत पुलिस ने आरोपियों को हथियारों सहित गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार सूरत पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के दौरान आरोपियों द्वारा पुलिस पर फायरिंग करने की बात भी सामने आई है। इस संबंध में भी पुलिस द्वारा आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड-
राहुल खटीक उर्फ बाबा, पिता रतनलाल खटीक, उम्र 26 वर्ष, निवासी राशमी, जिला चित्तौड़गढ़। वर्तमान पता हीरा बाग, इंद्रानगर, बाराक्षा रोड, सूरत। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ शराब तस्करी, एनडीपीएस एक्ट, मारपीट, अपहरण और फिरौती के चार प्रकरण दर्ज हैं।
अजय पुत्र रतना भाई यदुवंशी भरवाड़, उम्र 27 वर्ष, निवासी कीम, कुरसद रोड, सूरत। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ मारपीट, अपहरण और फिरौती के चार प्रकरण दर्ज हैं।
चिराग पुत्र गोपाल भाई यादव, उम्र 27 वर्ष, निवासी श्यामजी नगर सोसायटी, थाना सायण, सूरत। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ अपहरण, मारपीट, फिरौती और एससी-एसटी एक्ट के चार प्रकरण दर्ज हैं।
काना पुत्र जैना चौहान राजपूत, उम्र 26 वर्ष, निवासी अर्चना कूल हरिधाम सोसायटी, थाना वराछा, सूरत। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ शराब तस्करी और एनडीपीएस एक्ट के दो प्रकरण दर्ज हैं।
राहुल कीर पुत्र भोनीराम कीर, उम्र 25 वर्ष, निवासी राशमी, जिला चित्तौड़गढ़। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ मारपीट, अपहरण और फिरौती का एक प्रकरण दर्ज है।
फैजान पुत्र नबी खान उस्मानी, उम्र 26 वर्ष, निवासी पंचवटी रेजिडेंसी, सियादला, सायण-किम रोड, सूरत। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ मारपीट, अपहरण और फिरौती का एक प्रकरण दर्ज है।
डीएसटी और राशमी पुलिस की टीम रही शामिल
कार्रवाई में राशमी थानाधिकारी गेहरी लाल गुर्जर, डीएसटी के एएसआई सूरज कुमार, हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह, राजदीप सिंह, राशमी थाने के हेड कांस्टेबल हजारी लाल, कांस्टेबल नानूलाल, सुरेश चंद, अर्जुन लाल, विष्णु कुमार, घनश्याम और सुरेश चंद्र मेनारिया तथा डीएसटी के कांस्टेबल दुर्गाराम, विजय और दीपक शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार डीएसटी टीम प्रभारी एएसआई सूरज कुमार, हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह, कांस्टेबल रामावतार तथा साइबर सेल की तकनीकी टीम के सहयोग से समय पर सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
चिराग खटीक भी ए-श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर-
पुलिस के अनुसार जिस चिराग खटीक को गैंग द्वारा निशाना बनाने की योजना थी, उसके खिलाफ भी कुल 16 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और वह पुलिस थाना सदर चित्तौड़गढ़ का ‘ए’ श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर है। प्रारंभिक जांच में पूरे मामले का मुख्य कारण आपसी वर्चस्व की लड़ाई सामने आया है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की जांच जारी है।