नीमच। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती को लेकर कांग्रेस ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दी है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने कहा कि रात के समय लंबे बिजली कटौती से किसान और ग्रामीण परेशान हैं। यदि आगामी 72 घंटे में व्यवस्था में सुधार कर रात्रिकालीन अघोषित कटौती बंद नहीं की गई, तो कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी।
बाहेती ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट के कारण आमजन का धैर्य जवाब देने लगा है। इसी मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य अभियंता को पत्र भेजकर तीन दिन के भीतर ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
गांव-गांव पुतला दहन, फिर घेराव और आमरण अनशन
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि निर्धारित समय में व्यवस्था नहीं सुधरने पर आंदोलन के पहले चरण में गांव-गांव मुख्यमंत्री और विधायकों के पुतले दहन किए जाएंगे। इसके बाद विद्युत मंडल के कार्यालय और स्थानीय विधायकों का घेराव किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर आमरण अनशन भी किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति बहाल होने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
खेतों के साथ घरों की बिजली भी प्रभावित-
बाहेती ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में केवल कृषि फीडरों पर ही नहीं, बल्कि रिहायशी इलाकों में भी लंबे समय तक बिजली कटौती की जा रही है। उनके अनुसार, कई जगह घरों में छह-छह घंटे और कभी-कभी पूरी रात बिजली नहीं रहती। रखरखाव या तकनीकी खराबी के नाम पर बिना पूर्व सूचना बिजली बंद किए जाने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि दिनभर खेतों में काम करने के बाद घर लौटने पर भी ग्रामीणों को अंधेरे का सामना करना पड़ता है। बिजली कटौती से जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ता है, मच्छरों के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होती हैं और विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ महिलाओं के घरेलू कामकाज पर भी असर पड़ता है।
‘बिल पूरा, बिजली अधूरी’ पर उठाए सवाल-
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर उपभोक्ताओं से हजारों रुपये के बिजली बिल वसूले जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जब उपभोक्ताओं से पूरा बिल लिया जाता है, तो उन्हें नियमित बिजली क्यों नहीं मिल रही? कांग्रेस ने इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीण उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान की मांग की है।
तीनों विधायकों पर साधा निशाना-
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने जिले के तीनों विधायकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती से जनता परेशान है और कई जगह विरोध प्रदर्शन व चक्काजाम की स्थिति बन रही है, लेकिन जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर प्रभावी ढंग से आवाज नहीं उठा रहे हैं।
बाहेती ने कहा कि बिजली संकट के बावजूद विधायकों की ओर से जनता के पक्ष में ठोस पहल नजर नहीं आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता के कारण लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है।
जिला कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया कि यदि 72 घंटे के भीतर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो घोषित कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस ने बिजली कटौती से प्रभावित किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की है।