चित्तौड़गढ़। जिले के भदेसर थाना क्षेत्र के हट्टीपुरा गांव में बुजुर्ग महिला की लूट के बाद हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वारदात में एक अन्य व्यक्ति की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसकी तलाश की जा रही है। लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों और नकदी की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं।
घर में अकेली रहती थीं बुजुर्ग महिला-
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि 6 अक्टूबर 2026 को हट्टीपुरा गांव में जमनी बाई (73), पत्नी स्वर्गीय भैरू भील, की हत्या की सूचना मिली थी। महिला के पति का पहले ही निधन हो चुका था और उनकी कोई संतान नहीं थी। वह घर में अकेली रहती थीं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 5-6 अक्टूबर की रात अज्ञात व्यक्ति लूट के इरादे से घर में घुसे और महिला की हत्या कर सोने-चांदी के आभूषण तथा नकदी लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद घर के कमरों और खुले चौक में रखे सामान की तलाशी लेकर उसे बिखेर दिया गया था। महिला के पास सोने की रामनामी, मादलिया, हाथ का टड्डा, कानों के टॉप्स, चांदी के कातरिये, कड़े, कमर का कंदोरा, चांदी की अंगूठियां, पैरों की बिछिया सहित अन्य आभूषण थे। पुलिस के अनुसार, महिला जरूरतमंद ग्रामीणों को पैसे उधार भी देती थीं और उन्हें आभूषण पहनने का शौक था।
विशेष टीम गठित कर शुरू की जांच-
घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय गजेंद्र सिंह जोधा के निर्देशन और विनोद कुमार के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी विनोद मेनारिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जिला विशेष टीम (DST) और साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया।
FSL और MIU टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ की, संभावित ठिकानों पर दबिश दी और आरोपियों की आवाजाही के संभावित मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली।
उदयपुर से पकड़ा गया आरोपी, साथी की संलिप्तता भी आई सामने-
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान हट्टीपुरा निवासी कालू जाट, पुत्र स्वर्गीय भेरूलाल जाट, की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। जानकारी मिली कि वह घटना से कुछ समय पहले गांव आया था और वारदात के बाद उदयपुर चला गया था, जहां वह एक होटल में काम कर रहा था। पुलिस ने उसे उदयपुर के बड़ी क्षेत्र से हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में कालू जाट ने भादसोड़ा निवासी आशिक अली, पुत्र असलम अली, के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया। इसके बाद आशिक अली को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और मामले में उसकी संलिप्तता सामने आने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
वारदात से पहले बनाई थी योजना-
पुलिस के मुताबिक, घटना से दो-तीन दिन पहले कालू जाट ने अपने मित्र आशिक अली को महिला के बारे में जानकारी देकर वारदात की योजना बनाई। इसके बाद आशिक अली ने अपने एक अन्य साथी को भी योजना में शामिल किया। पुलिस के अनुसार, तीनों मोटरसाइकिल से रात में महिला के घर पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया। घर से आभूषण और नकदी लूटकर ले जाने की बात सामने आई है।
प्रकरण में अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं जोड़े जाने के बाद आगे का अनुसंधान भदेसर वृत्ताधिकारी विनोद कुमार द्वारा किया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस तीसरे संदिग्ध की तलाश और लूटे गए माल की बरामदगी में जुटी है।
खुलासा करने वाली पुलिस टीम-
भदेसर थाना टीम: पुलिस निरीक्षक विनोद मेनारिया, एएसआई सुनील कुमार, एएसआई तवर सिंह, कांस्टेबल धर्मेंद्र, सुरेंद्र, रतन सिंह, राजपाल, दुर्गाशंकर, गिरधारी, मुरलीधर, प्रकाश और झाबरमल। इसके अतिरिक्त थाना भादसोड़ा के कांस्टेबल रतनलाल तथा थाना निकुंभ के कांस्टेबल सूर्यपाल सिंह की भी विशेष भूमिका रही।
DST एवं साइबर सेल टीम: एएसआई राजकुमार सोनी, DST प्रभारी रामावतार मीणा तथा टीम के सदस्य दुर्गेश, हेमराज, पदम कुमार, मुकेश, साहिल, राकेश, पुरखाराम, मनीष कुमार, रामनरेश और गणपत ने जांच में सहयोग किया।