नीमच। जिले के जीरन थाना क्षेत्र के कुचड़ोद निवासी भाजपा किसान मोर्चा मंडल उपाध्यक्ष बलवंतदास बैरागी ने गुरूवार को जहरीला पदार्थ गटककर आत्महत्या कर ली थी। उनके इस आत्मघाती कदम की सूचना लगते ही जिला अस्पताल में नेताओं का जमावड़ा लग गया था। लेकिन ये जमावड़ा सिर्फ कांग्रेस नेताओं का ही दिखाई दिया। जबकि भाजपा के नेता इस जमावड़े में कहीं भी नजर नहीं आए।
भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष नवल गिरी गोस्वामी के अलावा कोई भी बड़ा नेता यहां नजर नहीं आया। जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान व विधायक दिलीप सिंह परिहार जरूर अपने व्यस्त शेड्यूल से कुछ मिनिट का समय निकालकर यहां पहुंचे और परिजनों को दिलासा देकर लौट गए। जबकि कांग्रेस के उमराव सिंह गुर्जर, ओम शर्मा, मुकेश कालरा, तरूण बाहेती सहित कई नेता देर शाम तक पीड़ित परिजनों के साथ डटे रहे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की पैरवी करते दिखाई दिए।
कांग्रेस नेताओं का भाजपा पर बड़ा हमला, बोले- स्टेशन पर स्वागत करना जरूरी था
इस संबंध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमराव सिंह गुर्जर ने कहा कि गुरूवार सुबह भाजपा के एक किसान नेता जहरीला पदार्थ गटक कर आत्महत्या कर ली थी। इसकी सूचना मिलते ही राजनीतिक जगत में शोक की लहर छाई। लेकिन भाजपा के तमाम नेताओं अपने ही एक साथी की मौत पर शोक जताने तक का समय नहीं मिला। इतना ही नहीं ये भाजपा के नेता सुबह इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी शाम को फूल मालाएं लेकर भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व रेलवे बोर्ड के सदस्य अभिलाष पांडे का स्वागत करने ढोल-ढमाकों के साथ स्टेशन पहुंचे। जबकि मृतक के सुसाइड नोट में इनकी सरकार के प्रशासनिक अमले पर ही आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए परेशान करने के आरोप लगे हैं। कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता देर शाम तक पीड़ित परिवार के साथ रहा और आगे भी कांग्रेस पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद के लिए तत्पर रहेगी।
यह है पूरा मामला-
भाजपा किसान मोर्चा मंडल उपाध्यक्ष बलवंतदास बैरागी निवासी कुचड़ोद ने गुरूवार सुबह जहरीला पदार्थ गटक लिया था। परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जहां इलाज के दौरान बैरागी ने दम तोड़ दिया था। उनकी जेब से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला था। सुसाइड नोट में बैरागी ने आत्महत्या का कारण बताते हुए क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारी, गिरदावर, पटवारी व पूर्व पटवारी सहित अन्य पर परेशान करने का आरोप लगाया था। इस सुसाइड नोट के सामने आने व पीड़ित परिवार के विरोध को देखते हुए देर शाम कलेक्टर ने गिरदावर व पटवारी को निलंबित कर दिया था। वहीं पीड़ित परिवार को शासन से उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया था।