भवानीमंडी। आंखें ईश्वर का सबसे खूबसूरत उपहार है, और किसी को दृष्टि का दान सबसे बड़ा परोपकार। नववर्ष को मनाने के अलग-अलग तरीके हैं, परंतु भवानीमंडी के एक दंपत्ति ने नेत्रदान को ध्यान में रखते हुए नववर्ष को अनूठे तरीके से सेलिब्रेट किया।
भवानीमंडी के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व विधायक ईश्वरचंद्र भटनागर ने अपनी धर्मपत्नी माया भटनागर के साथ नववर्ष पर नेत्रदान संकल्प लेकर अत्यंत प्रेरणास्पद कार्य किया है।
नुन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के रेजिडेंट ट्रस्टी एवं नागरिक सुरक्षा मोर्चा के संरक्षक ईश्वरचंद्र भटनागर के अनुसार भवानीमंडी में नेत्रदान का अत्यंत श्रेष्ठ कार्य हो रहा है एवं वह काफी समय से भवानीमंडी के इस नेत्रदान कार्यक्रम से प्रभावित रहे है, इसीलिए नववर्ष के अवसर पर नेत्रदान प्रभारी कमलेश दलाल से मिलकर यह नेत्रदान संकल्प को किया है, जिसमे उनकी धर्मपत्नी माया भटनागर ने भी साथ देकर नेत्रदान का संकल्प किया।
ईश्वरचंद्र भटनागर एवं माया भटनागर ने बताया कि इस नेत्रदान के संकल्प को करके वह अत्यंत गौरव और प्रसन्नता की अनुभूति महसूस कर रहे है। मृत्यु के पश्चात हमारा शरीर राख होकर नष्ट हो जाना है ऐसे में यदि कोई नेत्रहीन हमारी आँखो से कोई नई रौशनी को प्राप्त करके यह दूनियाँ देखने लग जायें तो यह तो वास्तव में परोपकार का बड़ा कार्य होगा।
भारत विकास परिषद के नेत्रदान प्रभारी एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र कमलेश दलाल ने संकल्पकर्ता दम्पति का स्वागत करते हुए कहा कि वर्ष 2022 भवानीमंडी में नेत्रदान के लिए अत्यंत उल्लेखनीय रहा है। वर्ष 2022 में भवानीमंडी क्षेत्र से रिकॉर्ड 24 जोड़ी नेत्रदान प्राप्त हुए हैं, जिससे कुल नेत्रदान की संख्या 75 जोड़ी हो गई है, संभाग में पहली बार 30 दिन में रिकॉर्ड 9 जोड़ी नेत्रदान प्राप्त करके भवानीमंडी ने कीर्तिमान स्थापित किया है, वंही सिंहपुर गांव से भी नेत्रदान प्राप्त हुआ है। साथ ही पिछले वर्ष में रिकॉर्ड 972 लोग अपने नेत्रदान का संकल्प कर चुके हैं, जिसमें जिला कलेक्टर झालावाड़ डॉ भारती दिक्षित, जिला पुलिस अधीक्षक रिचा तोमर एवं उपजिला कलेक्टर भवानीमंडी कमलकुमार मीणा के द्वारा लिया गया संकल्प भी सम्मिलित है। अधिकांश लोगों ने अपने जन्मदिन और विवाह वर्षगांठ को नेत्रदान के संकल्प के साथ सेलिब्रेट किया है। इस तरह कुल नेत्रदान संकल्प की संख्या 4000 से अधिक हो चुकी है।