सिंगोली। तहसील क्षेत्र में लंबित बाणदा बांध निर्माण के विरुद्ध आदिवासी समुदाय ने मंगलवार को सिंगोली कस्बे में रैली निकाल कर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन दिया तथा 10 दिनों में बांध निर्माण निरस्ती का आदेश जारी न होने की दशा में बड़े पैमाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंगलवार दोपहर 2 बजे रैली के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे आदिवासी संगठन के तहसील अध्यक्ष सुरेश तावड़ ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन ने बिना ग्राम वासियों की सहमति के बांध निर्माण का निर्णय लिया है जो न्याय संगत नहीं है। बांध निर्माण से हजारों परिवार बेघर और बेरोजगार हो जाएंगे, तथा उनके घर और खेती डूब में चली जाएगी। हालांकि सरकार ऐसी स्थिति में विस्थापन की व्यवस्था करती है। लेकिन आदिवासियों मानना है कि कई परिवारों के पास वैध और खाते की जमीन नहीं है फिर भी वे पीढ़ी दर पीढ़ी शासकीय जमीन पर खेती करते रहे हैं। ऐसे हालात में सरकार प्रत्येक परिवार को आवास के साथ खेती की जमीन का मुआवजा देगी ऐसा उन्हें नहीं लगता, इसलिए वे बांध निर्माण का ही विरोध कर रहे हैं।
सुरेश तावड़ ने बताया कि शासन ने 10 दिनों में बांध निर्माण निरस्ति का आदेश जारी नहीं किया तो आदिवासी जिला और प्रदेश स्तर पर प्रदर्शन करेंगे।
बता दें कि बाणदा बांध कई सालों से लंबित है, प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री वीरेंद्र कुमार सकलेचा ने भी बांध निर्माण की दिशा में काफी प्रयास किया था, और कांग्रेस शासन में मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी बांध निर्माण के लिए प्रयास कर चुके हैं, जबकि बीते 20 सालों में क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश सकलेचा भी लगातार बांध निर्माण की बात करते रहे हैं।
अब जब महज निर्माण कार्य की कवायद शुरू होना है ऐसे में आदिवासी समुदाय द्वारा आंदोलन खड़ा करने की चेतावनी देखकर सरकार के सामने एक नई मुसीबत खड़ी कर रहे है।
अब देखना है सरकार अगला कदम क्या उठाती है।