नीमच। रेवली देवली गांव के वरिष्ठ एवं शिक्षा के क्षेत्र में अपनी कई वर्षों तक सेवा देने वाले शालिग्राम नागदा ने अपने जीवन की अंतिम सांस ली। गुरुजी नहीं रहे की खबर जैसे ही गांव में फैली वैसे ही गांव में शोक की लहर छा गई।
आप सरल, सहज, विनम्र स्वभाव के धनी एवं धार्मिक प्रवृत्ति के होने के साथ-साथ शासकीय सेवा में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दी। आप पूरे क्षेत्र में गुरुजी (मास्टर साहब) के नाम से प्रसिद्ध थे। आप अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
आप राजेंद्र कुमार नागदा (बर्तन व्यवसाई) एवं चिंतामणि नागदा (टेंट व्यवसाई) के पूज्य पिताजी तथा संतोष नागदा एवं दीपक नागदा के पूज्य दादाजी थे। गुरुजी की अंतिम यात्रा उनके निज निवास रेवली देवली (नीमच-मनासा मार्ग) से सुबह 9 बजे मुक्तिधाम को निकाली जाएगी। उक्त जानकारी मोहन नागदा ने दी।