मनासा। कम्बल हारा बुनकर समिति मामले में कल पूर्बिया समाज ने प्रेस वार्ता में कहा कि यदि रजिस्ट्री शून्य नही हुई, और इस सिंडिकेट में शामील सभी लोगो के विरुद्ध कार्यवाई नही हुई तो, आंदोलन उग्र होगा, साथ ही मंदसौर नीमच संसदीय क्षेत्र की पूर्बिया समाज, इस आंदोलन में समाज के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर खड़ी होगी। समाजजनो का कहना कि नगर बंद सहित, आमरण अनशन आदि तरीको से हम सत्ता के सिंहासन पर बैठे जनप्रतिनिधियों तक हमारी बात पहुंचायेंगे।
पूर्बिया समाज ने के समाजजनों ने आगे बताया कि प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान के सुशांसन की नीमच जिला प्रशासन धज्जियां उडा रहा है। सहकारिता विभाग के द्वारा दिनांक 17 नवंबर 2022 को समिति की संम्पति के क्रय विक्रय पर रोक लगाने के बाद भी, इस मामले में रजिस्ट्रियां और नामांतरण हुए है। हद हो गयी है भ्रष्टाचार की, जो की साफ दिखाई दे रहा है ज्ञात हो कि जमीन नही बिकी उसके पहले ही अवगत करवा दिया, नीमच जिला सहकारिता अधिकारी संजय आर्य को, लिखित भी और मौखिक भी, एक बार नहीं कई बार, आवेदन दे दिए, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की, और जब कार्यवाही की, तो उसके बाद भी रजिस्ट्रीयां हो गयी, तो ये कार्यवाही कैसी। एक सरकारी विभाग के अधिकारी का आदेश ही नहीं माना और नीमच रजिस्टार ने रजिस्ट्री कर दी और मनासा राजस्व विभाग ने नामांतरण कर दिया। जबकि रजिस्ट्री में साफ लिखा है कि उपरोक्त भूमि, सहकारी संस्था की है। ये शब्द ना तो सर्विस प्रोवाइडर ने देखा, जिसने खुद टाइप किया और ना ही रजिस्टार ने देखा जिसने रजिस्ट्री की, और ना ही तहसीलदार और पटवारी ने देखा जिसने नामांतरण किया। सहकारी संस्था मामूली शब्द नही है जब ये जुड़ गया रजिस्ट्री में, तो इन सभी उपरोक्त वर्णित अधिकारियो और कर्मचारियों को नीमच सहायक आयुक्त का संजय आर्य से, संम्पति बेचने का अनुमति पत्र देखना अनिवार्य होता है, लेकिन इन्होने ऐसा नहीं किया, सारा काम आनन् फानन में निपटा डाला। यदि, यही कोई आम आदमी थोड़ी सी कोई भूल कर देवे तो कई महीनो तक नामांतरण नही होते।
इतना सब होने के बाद आज 7 दिन हो गये, धरना देते देते तब जाकर थोड़ी बहुत कार्यवाई हुई है, अभी उसमे भी कई नाम नही आये। समाज जनो का कहना है कि मामले में लीपापोती करने का पूरा प्रयास है। साथ ही समाज के पटेल बगदीराम पूर्बिया को बगैर कारण इस पुरे मामले में उलझा दिया, ताकि पूर्बिया समाज का आंदोलन बिखर जाये। लेकिन समाज के लोगो का कहना है कि सत्ताधीश चाहे जितना जुल्म करे, हम हर एक जुल्म सह जाएंगे लेकिन समाज की जमीन को, माफियाओ से मुक्त करवाएंगे।