नीमच। धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण का बलिदान देने वाले गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस नीमच में सिख समाज द्वारा गुरुद्वारा पर पूरे श्रद्धा के साथ मनाया गया। बताया जाता है कि गुरु अर्जन देव जी महाराज को गर्म तवे पर बिठाकर उनके ऊपर गर्म रेत डाल यातनाएं दी गईं थीं। श्री गुरु ग्रंथ साहिब में स्वयं गुरु अर्जन देव के हजारों शब्द है।
सिखों के पांचवें गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर सिख समुदाय के लोगों ने स्थानीय नगरपालिका कार्यालय के सामने स्थित गुरुद्वारा में प्रसाद वितरण किया। गुरुद्वारा के बाहर छबील लगाकर लोगों को शरबत पिलाया गया। इस दौरान समाज के छोटे बड़े महिला पुरुषो ने राहगीरों को रोक कर शर्बत पिलाया और गर्मी में प्यासे लबों की प्यास बुझाई। शरबत पिलाने का कार्य सुबह 9 बजे से अपरान्ह 4 बजे तक चला। इससे पहले गुरुद्वारे में सुबह श्री अखण्ड पाठ साहब का समापन हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
सिख समाज के सतपाल सिंह छाबड़ा ने बताया कि सिखों के पांचवें गुरु अर्जन देव जी को लाहौर में मुगल बादशाहों ने घोर शारीरिक यातनाएं दी और 23 मई 1606 को मात्र 43 वर्ष की अल्प आयु में वे शहीद हो गए।
आज श्री गुरु अर्जन देव जी महाराज के शहीदी दिवस पर समाज के अध्यक्ष सरदार हरभजन सिंह सलूजा, सचिव सतपाल सिंह, उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह अरोरा, सह सचिव गगनप्रीत सलूजा, संदीप सिंह सलूजा, कमलजीत सिंह सलूजा, तारा सिंह, पलविंदर सिंह एवं बड़ी संख्या में सिख समाज के पदाधिकारी और अनुयाई मौजूद रहे।