चित्तौड़गढ़। महाराणा प्रताप की 483 वी जयंती पर आयोजित हुवा प्रताप गौरव गाथा कार्यक्रम। प्रताप गौरव गाथा में अतिथि राजऋषि समता राम महाराज, डॉ ओमेंद्र रतनु एवम महालक्ष्मी समिति के अध्यक्ष ओंकार सिंह निबोदा ने दीप प्रज्वलन कर विधिवत रूप से शुरुवात की। इसके पश्यात समिति के सचिव बृज बिहारी पालीवाल ने समिति का परिचय दिया।
संत सानिध्य के रूप मे समता राम महाराज नांद पुष्कर ने आशीर्वचन में कहा कि जन्म लेना और नियत दैनिक कार्य करना और मृत्यु को प्राप्त करना ये तो सभी मानव कर रहे है परंतु अपने जीवन का एक लक्ष्य बना कर समाज मे सकारात्मक ऊर्जा का संचय करना ही एक महापुरुष के जन्म जयंती मनाना सार्थक रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक व्यक्ति अपने कार्य को पहचान उसे नही पूरा कर लेता उसे शांत नही बैठना चाहिए।
गोपाल जाट एवं साथियों के द्वारा एक मेवाड़ के उज्जवल इतिहास से जुड़ा गीत गाया गया और बिना ही किसी औपचारिकता के मुख्य वक्ता ने अपने बात का संवाद सभी के साथ किया। डॉ ओमेंद्र रतनु ने अपने आप को बड़ा ही सौभाग्य शाली बताया कि वह चित्तोड़गढ़ के पवित्र भूमि पर है और हिंदुत्व की अलख और स्वतंत्रता के पुजारी
हिंदुपति महाराणा प्रताप का जन्म जयंती के ये अवसर है। उन्होंने कहा कि अपने नैतिक मूल्यों को समझना पड़ेगा और उसी दिशा मे अपने कर्म को अंजाम देना पड़ेगा डॉ रतनू द्वारा हिंदुत्व से संबंधित एक शपथ दिलाई गई एवं इतिहास की कई बातों से आज के परिपेक्ष्य मैं सबंध बताते हुवे हिंदुओ को जागृत होने की प्रबल जरूरत पर जोर दिया। लगभग 1 घण्टे के उद्धबोधन मैं रतनु ने इतिहास को शुद्ध करने पर काफी बल दिया। आभार उदय सिंह चौहान द्वारा व्यक्त किया गया एवम कखानी द्वारा वन्दे मातरम प्रस्तुत किया गया ।
इस गौरवमयी कार्यक्रम मे समाज एवं राजनीति से जुड़े काफी महानुभाव उपस्थित रहे। जिनमे विधायक चित्तोड़गढ़ चन्द्र भान सिंह आक्या, जौहर स्मृति संस्थान के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह विजयपुर, सरपंच रणजीत सिंह भाटी, जनक सिंह बस्सी, रणधीर सिंह बस्सी, वरिष्ट अधिवक्ता लक्ष्मी लाल पोखरना, नगर परिषद के पूर्व चैयरमेन सुशील शर्मा, क्रय विक्रय के चैयरमैन प्रवीण सिंह राठौड़, भूमि विकास बैंक के चैयरमेन कमलेश पुरोहित, केन्दीय सहकारी बैंक के लक्षमण सिंह खोर, ब्राह्मण समाज के ओम प्रकाश उपाध्याय, शक्ति सिंह मुरलिया, भाजपा के मीठू लाल जाट, एडवोकेट प्रदीप काबरा जौहर स्मृति संस्थान के पूर्व अध्यक्ष तज तख्त सिंह सोलंकी, श्री महालक्ष्मी समिति के अध्यक्ष ओंकार सिंह राणावत, नरपत सिंह भाटी, बृज बिहारी पालीवाल, खुमान सिंह, अनिल गुप्ता, उदय सिंह चौहान, गजराज सिंह भाटी, करण सिंह भाटी, रणजीत सिंह राणावत, सोहन सिंह सावा, राजेंद्र सिंह धोनी खेड़ा, दुर्गा सिंह राणावत, शैतान सिंह भाटी, राजेंद्र सिंह भाटी, महेंद्र सिंह मेड़तिया, हर्षवर्धन सिंह रुद, एसपी सिंह राठौड़, मंगल सिंह खंगारोत, श्याम सिंह हाडा, पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी, रघुवीर सिंह शक्तावत, राजबहादुर सिंह चौहान, मनोज कुमार सिंह, सूर्यपाल सिंह सोलंकी आदि महानुभाव एवं अनेक समाज के संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी उपस्थित रहे।