मंदसौर। भगवान पशुपतिनाथ की अष्ट मुखी मूर्ति और 8 फिट बड़ी मूर्ति बहुत ही चमत्कारी है। पौराणिक मान्यता है कि सोमवार के दिन भगवान शिव की आराधना और दर्शन करने से शिव प्रसन्न होकर अपने भक्तों को उनकी इच्छा अनुरूप फल देते हैं। विश्व प्रसिद्ध भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में आज सुबह से ही दूर-दूर से आए भक्तों की लंबी कतार देखने को मिली। भारत में एक मात्र मन्दिर होने के कारण यहां सप्ताह के हर सोमवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लेते हैं और ठीक सामने नन्दी भी विराजमान हैं। भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन के बाद श्रद्धालु नन्दी के कान में अपनी मुराद ,मनोकामना बोलते हैं। ऐसी मान्यता है कि अगर नन्दी की पूजा नहीं की तो दर्शन अधूरे माने जाते हैं।
पशुपतिनाथ मंदिर के पुजारी ने बताया कि जेष्ठ सोमवार और नौतपा रोहणी होने के कारण दिन विशेष है। भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रतलाम से आए श्रद्धालु ने बताया कि भगवान पशुपतिनाथ मंदिर आने पर बहुत अच्छा लग रहा हैं। हम पूरे परिवार के साथ आए और भगवान पशुपतिनाथ जी के दर्शन किए। कहा यहां दर्शन करने से अच्छी सोच उत्पन्न होती हैं।
--
वॉइस ऑफ़ एमपी की मुहीम- बेज़ुबान पक्षियों के लिए दान करें सकोरे या फिर अपने मकान की छत पर रखे सकोरे, भीषण गर्मी में सुने इनकी फ़रियाद।