इंदौर। महाकाल लोक की तर्ज पर स्मार्ट सिटी कम्पनी राजबाड़ा पर अहिल्या लोक बनाने की योजना बना रही है। इसको जिस तरह से आकार देने की योजना है उसे लेकर आसपास के पुराने बाजार के व्यापारियों में खासा आक्रोश है। वे इसे बाजार को खत्म करने की साजिश तक बता रहे है। व्यापारी एसोसिएशन विरोध में लामबंद हो रहे हैं। बता दें कि सालभर में यहां पर करीब 1000 करोड़ रुपए का कारोबार होता है।
असल झगड़ा अहिल्या लोक के कारण राजवाड़ा क्षेत्र के बदले जा रहे या बंद किए जा रहे रास्ते को लेकर है। स्मार्ट सिटी कम्पनी ने अहिल्या लोक का जो प्रोजेक्ट तैयार किया है उसमे राजबाड़ा के सामने के रास्ता बंद किया जा रहा है। साथ ही राजबाड़ा और गोपाल मंदिर के बीच की सड़क को सिर्फ पैदल चलने वालों के लिए रखे जाने की योजना है। ये गलती नगर निगम दो दशक पहले भी कर चुका है जिसके बाद उसे अपने कदम को पीछे लेना पड़े थे।
व्यापारी एसोसिएशन ने खुलकर मैदान पकड़ लिया है। सराफा व्यापारी एसो के अध्यक्ष अनिल रांका का कहना है कि राजबाड़ा का मार्ग ही सराफा, सांठाबाजार, सीतलामाता बाजार, क्लॉथ मार्केट, मारोठिया, बजाज खाना चौक, पिपली बाजार और बर्तन बाजार सहित आसपास के कई बाजारों जाने का प्रवेश द्वार है। उसे ही बंद कर दिया जाएगा तो बाजार ही खत्म हो जाएगे। इंदौर के इन 200 साल पुराने बाजारों में करीब सालभर में 1000 करोड़ रुपए का कारोबार होता है।