चित्तौड़गढ़। मंडफिया स्थित श्री सांवलिया सेठ को 56 भोग के साथ साथ चांदी से बनाई ऊंट गाड़ी भेंट की गई। भक्त यह 56 भोग भी एक ऊंट गाड़ी में लेकर आया। बैंड बाजे के साथ श्री सांवलिया जी मंदिर पहुंचे, मानो किसी की शाही सवारी निकल रही हो। भक्त का कुछ सालों पहले तक ऊंट गाड़ी का ही बिजनेस था और एकमात्र उनके पास ऊंट हुआ करता था।
मेवाड़ के कृष्ण धाम श्री सांवलिया मंदिर में हर दिन श्रद्धालु अपनी नई नई मन्नते लेकर आते हैं। इनमें से कई श्रद्धालु ऐसे होते हैं, जो बिना मन्नत के भी खुशी से सांवरा सेठ को अपनी तरफ से कुछ ना कुछ भेंट देकर जाते हैं। मंडफिया के ही श्यामलाल पुत्र मिट्ठू लाल गर्ग ने सांवरा सेठ को छप्पन भोग धराया। छप्पन भोग को वह ऊंट गाड़ी में लेकर आए थे। बैंड बाजा के साथ ऊंट गाड़ी में सजे छप्पन भोग मानो किसी शाही परिवार के लिए लेकर जाया जा रहा था। भोग धराने के बाद सांवरा सेठ को 277 ग्राम चांदी से बनी हुई ऊंट गाड़ी भी भेंट की। श्याम लाल ने बताया कि उनके पिताजी मिट्ठू लाल गर्ग का मंडफिया में एक ऊंट था। मंडफिया और भादसोड़ा क्षेत्र में वे अकेले ऊंट वाले हुआ करते थे। यही उनकी रोजी-रोटी का साधन भी था। काफी साल पहले उन्होंने ऊंट बेच दिया। उनका परिवार अब दूसरा बिजनेस करता है लेकिन आज भी उनके पिताजी ऊंट वाले के नाम से जाने जाते हैं। उन्होंने छप्पन भोग चढ़ाने का सोच रखा था। इसीलिए इस आयोजन को किया गया।