वरिष्ठ पत्रकार और लेखक पंडित मुस्तफा आरिफ ने 9 साल तक मेहनत कर ख़ुद क़ुरान को समझा और अब दूसरों तक पाक किताब का संदेश पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। हम्द प्रारूप में उन्होंने 10 हज़ार छंद हिंदी भाषा में बनाए हैं। हाल ही में वे मुंबई में आस्कर अवार्ड विजेता संगीत निर्देशक एआर रहमान से मिले। इस दौरान एआर रहमान ने उनके द्वारा लिखे गए महागीत के कुछ छंद सुने और सराहना की।
72 वर्षीय पंडित आरिफ़ ने बताया कि ये ईश्वर का ही वरदान हैं। मेरा लिखा गया महागीत भी ईश्वर की कृपा का वरदान हैं, ईश्वर प्रेरणा का आधार जरूर कुरान शरीफ हैं, लेकिन उपयोगिता सार्वभौमिक हैं। आज आस्कर अवार्ड विजेता संगीत निर्देशक एआर रहमान ने इस गीत के कुछ छंद सुने और सराहना की। उनसे मेरी मुलाकात उनके अंधेरी स्थित स्टुडियो पर हुई। मैंने शुभ सूचना पट्टीका सहयोग और संरक्षण के निवेदन के साथ उनसे भेंट की। सरोद वादक पद्म विभूषण उस्ताद अमजद अली खान और प्रसिद्ध गजल गायक पद्मश्री अनुप जलोटा का भी इस महागीत यानी अल्लाह की हम्द को समर्थन मिल चुका है।
उन्होंने बताया कि कुरान का आधार कर्म हैं। यहीं 10 हजार छंद 18 अध्याय के महागीत ईश्वर प्रेरणा का भी आधार हैं। यहीं वजह है कि स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज हो या स्वामी दिव्यानंद जी तीर्थ हो या भारत के मुख्य इमाम ऊमेर इलियासी सहित अनेक धर्म गुरूओ ने इस महागीत को सुना और सराहना की। दाऊदी बोहरा समाज के धर्म गुरू डाक्टर सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब ने भी अपनी दुआओ और शफक्कत से नवाज़ा हैं।
--
वॉइस ऑफ़ एमपी की मुहीम- बेज़ुबान पक्षियों के लिए दान करें सकोरे या फिर अपने मकान की छत पर रखे सकोरे, भीषण गर्मी में सुने इनकी फ़रियाद।