नीमच। अफीम उत्पादक संघर्ष समिति राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के अफीम किसानों ने आज एक ज्ञापन प्रधानमंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री, केंद्रीय नारकोटिक्स डॉयरेक्टर नई दिल्ली और नीमच कलेक्टर के नाम सौंपा।
ज्ञापन में अफीम किसानों ने मांग रखते हुए कहा कि आपके द्वारा सन 2015 से 2022-2023 तक के कटे हुए 70,000 अफीम लाइसेंस जारी किए है सभी किसानों की ओर से आपको धन्यवाद एवं साधुवाद। भारत सरकार व केन्द्रीय नारकोटिक्स विभाग ने जिनकी अफीम किसानो को सीपीएस पद्धति मे अफीम लाईसेंस जारी किये है उन किसानो को परम्परागत पुरानी खेती मे सम्मिलित किये जाए और 1997-1998 तक के कटे हुए पट्टे जारी किये जाए।
साथ ही मांग कि-
1- भारत सरकार केन्द्रीय नारकोटिक्स विभाग जिन किसानो की सीपीएस पद्धति द्वारा अफीम लाईसेंस जारी किये है उन किसानो को नई अफीम नीति 2023-2024 पुरानी परम्परागत अफीम खेती मे सम्मिलित किया जाए। सीपीएस पद्धति को पूर्णतः समाप्त की जाए। देश व किसान हित मे नही है सीपीएस पद्धति मे किसानो को आर्थिक नुकसान होता है जैसे कि अफीम की रखवाली बहुत करना पडती है इसमे खेती में अफीम पोस्टे की क्वालिटी भी अच्छी नही होती है। व उपज भी कम होती है। मॉर्फिन नियम में संशोधन कर मॉर्फिन 3.00 ही रखी जाए क्योकि मॉर्फिन मौसम पद्धति पर निर्भर करती है इसे किसान कम ज्यादा नही कर सकता हैं।
2- 1997-98 से 2003 तक के कटे हुए पट्टे से वंछित रहे वे किसान जिन्हे चार वर्ष जिनके पूरें नही कर पाए उन किसानो को प्रतिवर्ष प्रति किलो की छुट देकर आने वाली नई अफीम नीति मे छूट देकर जारी किये जाए।
3- 1997 से लेकर आज तक घटिया के नाम पर काटे गये अफीम लाइसेंस मे पेनेल्टी रिपोर्ट नही मिलने के कारण उन सभी किसानो को आने वाली नई अफीम नीति में लाईसेंस जारी किये जाए।
4- अफीम लाईसेंस का रकबा आपके द्वारा इस वर्ष सामान्य रूप से आवंटित किया गया इस प्रकार आगे भी सामान्य रूप से आवंटित किया जाये जिससे भष्टाचार पर अंकुश लगेगा। निवेदन है कि नामांतरण प्रकिया को आसान किया जाए जो कि अफीम कृषक चल फिर नही सकते उनकी स्व इच्छा से यदि वह किसी परिवार के सदस्य के नाम नामांतरण करवाना चाहते है तो उनके नाम पर सहमती दी जाए।
5- अफीम डोढे भूसा को एनडीपीएस एक्ट से हटाकर आबकारी मे शामिल किया जाए। आप भी जानते है अफीम डोढा भूसा मे मॉर्फिन 0.002 ही पाई जाती है एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/29 समाप्त की जाए इसमे कई निर्दोष किसान को बेवजह फंसाया जाता है।