रतलाम। दिलीप चौहान जिले के ताल में सरदार पटेल मार्ग पर अपनी दुकान संचालित करते हैं। वर्तमान में दिलीप यारा कैफे दुकान संचालित कर रहे है। व्यवसाय को उन्नत करने के लिए पूंजी की आवश्यकता थी, जिसके लिए वे परेशान थे। लेकिन जहां चाह वहां राह, दिलीप को दीनदयाल अन्त्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की स्वरोजगार योजना की जानकारी मिली तो रोशनी की किरण नजर आई। नगर परिषद् कार्यालय पहुंचकर सम्पर्क किया, योजना के हितग्राही रुप में दिलीप का चयन हुआ और 2 लाख रुपए का ऋण लाभ उठाकर दिलीप ने अपने व्यवसाय को संवार लिया।
दिलीप कहते हैं कि कैफे की दुकान के पूर्व चाय की दुकान संचालित करते थे जिससे परिवार का पालन पोषण करने में काफी परेशानियों का सामना करना पडता था। बदलते परिवेश में दुकान सर्वसुविधायुक्त नहीं होने से ग्राहक खाली चले जाते थे, परन्तु योजना का लाभ उठाकर जब पूंजी हाथ में आई तो दिलीप ने फौरन अपनी दुकान में जरुरत अनुसार साजसज्जा कर नया स्वरुप प्रदान किया। अब उनकी दुकान पर आने वाले ग्राहक की संख्या भी बढ गई है और व्यापार भी अच्छा चल निकला है। दुकान से अच्छी कमाई हो रही है वे प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपए कमाई कर लेते हैं।दिलीप अपनी सफलता का श्रेय शासन की दीनदयाल अन्त्योदय मिशन की स्वरोजगार योजना को देते हैं, जिसकी मदद से उनका आर्थिक उत्थान हुआ है। योजना के बारे में दिलीप का कहना है कि बेरोजगार व्यक्तियों अथवा अपने व्यवसाय को उन्नत करने के इच्छुक स्वरोजगारियों हेतु योजना बहुत अच्छी है। इसका लाभ रतलाम जिले में उसके जैसे सैकडों लोगों को मिल रहा है।