उज्जैन। मजदूरी कर अपना जीवन यापन करने वाले उज्जैन शहर के नागझिरी मे रहने वाले जावेद पिता मकसूर खान उम्र 38 वर्ष पेट मे दर्द से लगातार पीड़ित थे इनके द्वारा स्थानीय स्तर पर उपचार करवा लिया जाता था वे विगत कई समय से अपने स्वास्थ्य को लेकर बेहद परेशान रहते थे जिस कारण उनको मजदूरी करने मे परेशानी आने लगी व उनकी दैनिक दिनचर्या प्रभावित होने लगी जिस कारण वह अपने आपको असहाय सा महसूस करने लगे।
लम्बे समय से पेट मे दर्द मे सुधार नही होने के कारण उनके परिजन उनको लेकर जिला चिकित्सालय उज्जैन आयें जहां पर चिकित्सक द्वारा उनकी सोनोग्राफी कराई गई और सोनोग्राफी रिपोर्ट मे पाया कि वह हार्निया की बीमारी से ग्रस्त है, जिस कारण उनको असमय दर्द होने लगता है परन्तु दर्द हमेशा के लिये समाप्त नही हो रहा है, चिकित्सक द्वारा जावेद को ऑपरेशन की सलाह दी, जावेद व उनके परिवार के सदस्य ऑपरेशन हेतु राजी हो गये। चिकित्सक द्वारा जावेद को जिला चिकित्सालय उज्जैन के सर्जिकल वार्ड मे भर्ती कर ऑपरेशन के पूर्व समस्त आवश्यक जांचे करवाई।
चूंकि जावेद गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की श्रेणी से आते है, जिनका आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत तत्काल पंजीयन कर जिला चिकित्सालय उज्जैन मे भर्ती कर जिला चिकित्सालय उज्जैन के सर्जिकल स्पेशलिस्ट डॉ.मुंशी खॉन व उनकी टीम द्वारा हार्निया का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन व समस्त प्रकार की सुविधाएं जिला चिकित्सालय मे आयुष्मान भारत निरामयम योजना के अन्तर्गत निःशुल्क उपलब्ध करवाई गई, अब जावेद स्वस्थ्य है, उनको असहनीय दर्द से मुक्ती मिली वह पुनः सामान्य तरीके से जीवन जी रहे है जिससे उनके परिवार के सदस्यां द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई गई सेवाओं के प्रति आभार व्यक्त किये जा रहे है। यदि हर्निया का ऑपरेशन प्रायवेट अस्पताल में करवाया जाता तो तीस हजार के लगभग खर्च होता जिला चिकित्सालय उज्जैन में निःशुल्क संभव हो सका।