नीमच। मणिपुर में हुयी हिंसात्मक घटना महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाना और दो महीने तक ईस मामले को दबा के रखने की कोशिश करना घोर निंदनीय है। शोशल मीडिया के माध्यम से घटना का पता चला तो ह्रदय दहल गया। क्या ये हमारा वहीं देश है जहां नारी को देवी स्वरुप पूजा जाता है। मणिपुर में 2 औरतों के साथ होने वाली अभद्रता और शर्मनाक घटना कितनी दिल दहला देने वाली है इसका अंदाजा इसकी वीडियो देखकर लगाया जा सकता है। ये उस भारत देश के एक हिस्से में महिलाओं की दुर्दशा है जहाँ के प्रधानमंत्री परम आदरणीय महामानव, नारी सम्मान सर्वाेपरि, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाले स्वयं नरेंद्र मोदी जी है। भक्त जिनके गुणगान गाते नहीं थकते, आज वहीं सारे लोग अपने मुंह पर पट्टी बांधकर बैठे हैं, लेश मात्र जिनका मन इन वीडियो को देखकर विचलित नहीं हुआ, क्यो? शायद इसलिए कि ये महिलाये इनकी कुछ नही लगती। ये केवल मणिपुर की एक घटना है, सैकड़ांे ऐसी घटनाएं भारत के हर हिस्से में हो रही है, जिनका केवल 20 प्रतिशत हम मीडिया के माध्यम से जान पा रहे हैं।
मणिपुर में नारी को निर्वस्त्र घुमाना मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। मातृशक्ति ना होती तो ईस सृष्टि की रचना भी नहीं होती जन्म देने वाली माँ ऐक नारी देवी समान होती है, जिनके गर्भ से महात्मा और महापुरुष भी नहीं होते नारी का सम्मान इंसान तो क्या देव भी करते हैं। मणिपुर में नारी को निर्वस्त्र कर घुमाना मानवता को शर्मसार करने वाली घटना की कठोर शब्दों में निंदा करते हुये कहा कि यह लोकतंत्र की दुहाई देने वाले सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है।
ये ईस देश का दुर्भाग्य है सरेआम रोड ऊपर नारी की दुर्दशा पर कार्रवाई करने के बजाए मोदी जी मौन है और घटना सार्वजनिक होने पर कुछ नेता द्वारा मगरमच्छ के आंसु बहाये जाते है क्यो नही मणीपुर मे अभी तक राष्ट्रपति शासन लागु हुआ क्यो नही कोई भाजपा का वरिष्ठ नेता वहा कि महिलाओ को न्याय दिलाने पहुंचा क्यो अभी भी कुछ नेता केवल जांच करवाने की बात करते है जबकी विडीयो मे स्पष्ट दिख रहा है महिलाओं का सार्वजिनक अपमान हुआ है।
शर्मा ने कहा कि राम,कृष्ण महावीर बुद्ध नानक की धरती पर आए दिन नारी के साथ रेप बलात्कार छेड़छाड़ हत्या आध्यात्मिकता की दुहाई देने वालों के मुंह पर काली मां पोतने के समान है आज नारी घर और बाहर कहीं भी सुरक्षित नहीं है नारी का सम्मान नहीं वह देश नरक के समान है कांग्रेस नैत्री स्नेहलता शर्मा ने ककहा कि नारी का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। क्या आज महिलाये केवल उपभोग और उपयोग की वस्तु बनकर रह गई है, ताज्जुब इस बात का है कि उच्च राजनीतिक और शक्तिशाली पदों में बैठी महिलाओ को भी इन महिलाओं का दर्द नही महसूस हुआ....क्या अंधभक्ति और राजनीति आज मानवता से ऊपर उठ गई, धिक्कार है ऐसे जीवन पर जहाँ आप अन्याय के खिलाफ सर ना उठा सके...विचार कीजिये कि आप कितनी दोहरी जिंदगी जी रहे है ।