चित्तौड़गढ़। भारत विकास परिषद राजस्थान क्षेत्र के दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन में संपूर्ण राजस्थान के सात प्रांतों के सदस्यों ने स्थानीय शाखा की महिला सदस्यों द्वारा प्रस्तुत ऐतिहासिक पन्नाधाय का बलिदान एवं वंदे मातरम सहित कई भावपूर्ण प्रस्तुतियों का लुफ्त लिया। तो वहीं भरी सर्दी के बावजूद भी देर रात तक चले कवि सम्मेलन के माध्यम से भी आनंदित हुए।
क्षेत्रीय अध्यक्ष डीडी शर्मा, महासचिव डा त्रिभुवन शर्मा, प्रांतीय अध्यक्ष गिरीश पानेरी, शाखा अध्यक्ष नवीन वर्डिया के सानिध्य में सम्मेलन के प्रथम दिन में आयोजित चार सत्रों में शाखों द्वारा प्रकल्पों के प्रभावी आयोजन के लिए विषय विशेषज्ञों ने विशेष मार्गदर्शन किया।
सम्मेलन संयोजक व क्षेत्रीय मंत्री कमल जैन के अनुसार संतोष गुप्ता ने समूह गान प्रतियोगिता, बलराज आचार्य ने भारत को जानो प्रतियोगिता, डॉ जयराज आचार्य ने सेवा प्रकल्प, संजीव भारद्वाज ने गुरु वंदन छात्र अभिनंदन, अशोक मित्तल ने संपर्क की अवधारणा, ललित टेलर ने ग्राम विकास योजना, संदीप बालदी ने ट्रस्ट एवं प्रॉपर्टीज की जानकारी और हरिप्रसाद शर्मा ने परिषद में मीडिया की उपयोगिता विषय पर विशेष मार्गदर्शन किया तथा मुकुंद सिंह राठौड़ ने संचालन करते हुए सत्र में की गई चर्चा का विश्लेषण कर सदस्यो का मार्गदर्शन किया।
आयोजन समिति के सदस्य बृजेश मोदानी, एन के जोशी व सचिव मनोहर मुंदड़ा के अनुसार रीजनल संयुक्त महासचिव विनोद आढ़ा, कमल सुरेखा व डॉ शिवदयाल मंगल ने अपने जिम्मे के प्रांतों की रिपोर्ट प्रस्तुत की और शाखों द्वारा आयोजित किए गए प्रकल्पो की विस्तृत जानकारी दी। प्रांत महासचिवों द्वारा भी अपने-अपने प्रांत की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
आयोजन समिति के सदस्य बालकिशन धूत, राजेश पगारिया जिला अध्यक्ष फतेह सिंह देवपुरा और शाखा अध्यक्ष नवीन वर्डिया के अनुसार अधिवेशन के दूसरे दिन नृत्य गोपाल मित्तल द्वारा वीआईपी संपर्क, आर एस सक्सेना द्वारा रिजनल कार्यालय जयपुर की प्रगति रिपोर्ट, भवानी शंकर गौड़ द्वारा बालोतरा के स्थाई प्रकल्प की रिपोर्ट, अशोक वशिष्ठ द्वारा कोटा चिकित्सालय की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
सदस्य दिनेश काबरा, रमेश इनानी, अनिल ईनानी, दिलीप नंदावत, अतुल सिसोदिया, एस के शर्मा, विजय सिंह मेहता, वंदना वजीरानी, भगवती लाल समदानी आदि ने अतिथियों का स्वागत किया।
सांस्कृतिक संध्या में प्रतिनिधि हुए मंत्र मुग्ध-
आयोजन की सदस्य शशि सनाढ्य, अर्चना मोदानी के अनुसार देशभक्ति से परिपूर्ण वंदे मातरम, पन्नाधाय के बलिदान की प्रस्तुतियों से पूरा सदन आनंदित हो गया और अंजू पगारिया द्वारा भारतमाता के प्रदर्शन पर पूरे सदन में बैठे प्रतिनिधि भारत माता की जय के नारे से झूम उठे। सदस्य चंदा समदानी, कुसुम धूत, सुमन कालिया, रेखा जैन, आशा वर्डिया, शशि कला गुप्ता, इंद्रा काबरा, सरोज नंदावत, अरुणा सुखवाल, पुष्प काबरा, वैशाली राव, स्नेहलता काबरा, सरिता चेचानी, आभा मेहता, रिंकू खटोड़, अलका चोखड़ा, सुनीता माहेश्वरी, सुचिता मंत्री, प्रेमलता महंत आदि ने प्रभावी प्रस्तुतियां देकर भाव विभोर कर दिया।
चेतक घोड़े प्रताप संवाद ने झकझोर दिया-
अधिवेशन में आयोजित कवि सम्मेलन में आयोजन समिति सदस्य पूर्व शाखा अध्यक्ष राष्ट्रीय कवि अब्दुल जब्बार, प्रमोद रामावत नीमच, सोहन चौधरी गंगरार, रमेश शर्मा मयंक, नंद किशोर निर्झर व सुनील बाटू चित्तौड़गढ़, सतीश आचार्य नाथद्वारा, सूर्यप्रकाश कांकरोली, राजकुमार राजसमंद, वीरेंद्र रावल उदयपुर ने देशभक्ति पूर्ण कविता पाठ मुक्तक, गीतो से आनंदित किया। रमेश शर्मा मयंक ने मां बेटी संवाद से तो हल्दी घाटी युद्ध, सहित कई विषय पर कवियों ने भाव पूर्ण कविता पाठ ने श्रोताओं की कड़ाके की ठंड में भी झकझोर दिया। सभी प्रतिनिधियों ने सभी प्रस्तुतियों को सराहा।