सिंगोली। अयोध्या में राम मंदिर में प्रभु श्रीराम के दर्शन, हर सनातनी की वर्षों पुरानी यह अभिलाषा 22 जनवरी को पूरी होने जा रही हैं। जिसको लेकर पुरे देश में तैयारीयां चल रही है। हिन्दू संगठन एवं स्वयंसेवक प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण पत्र को जन-जन तक पहुंचाने की पूरी कार्ययोजना बना चुके हैं। अब प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए आमंत्रण देना शुरू हो गये है। हर कोई इस अविस्मरणीय पल का साक्षी बनने को उत्सुक दिखाई दे रहा है। ऐसे समय में सिंगोली क्षेत्र के हिंदू संगठन एवं स्वयंसेवक हनुमान जी की तरह अपने आराध्य श्रीराम के प्रति सेवाभाव के साथ इस उत्सव में सक्रिय योगदान देने को तत्पर नजर आ रहे हैं। वह भी माता सीता की खोज में निकले हनुमान जी की तरह ही पूर्ण निष्ठा से राम काजु कीन्हें बिनु, मोहि कहां बिश्राम.. की सोच के साथ अयोध्या से पूजित अक्षत कलश आने के बाद प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण पत्रो को लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जन्मभूमि पर आगामी 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा एवं भव्य मंदिर निर्माण की तैयारी अंतिम चरण में चल रही है। जिसके तहत बुधवार को सिंगोली नगर में वीर हनुमान तलाई वाले बालाजी से बजरंग व्यायाम शाला मंदिर तक अक्षत पूजन व कलश शोभायात्रा निकाली गई। तलाई वाले बालाजी मंदिर से कलश पूजन के बाद हजारों की तादाद में जराड़, पटियाल, बोहड़ा, धोगवा, फुसरिया, लालगंज, नयागांव, तुरकिया, मेघनिवास आदि गांवों से डीजे के साथ श्रीराम जी की धर्म ध्वजा लेकर महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चे पहुंचे। इस दौरान लोगों द्वारा उत्साह के साथ एक ही नारा एक ही नाम, जय श्रीराम जय श्रीराम का नारा लगाया जा रहा था। शोभायात्रा के दौरान गांव में शोभायात्रा में शामिल लोगों का जगह जगह सभी धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक संगठनों ने फुलो की पंखुड़ियों से स्वागत अभिनन्दन किया। जिसे देखकर यह साफ हुआ की मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जनमानस में रहते हैं। आज की शोभायात्रा महज एक झांकी रही है। आगामी 22 जनवरी को भगवान राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के दौरान सिंगोली ही नहीं बल्कि देशभर में दीपावली मनायी जायेगी। शोभायात्रा में आई भीड़ कोई प्रायोजित भीड़ नहीं बल्कि स्वतः संज्ञान के आधार पर भगवान श्रीराम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा पर उत्साहित होकर अपने-अपने घरों से निकले हुए सनातनी रामभक्त थे। इस शोभायात्रा में गणमान्य से लेकर जन सामान्य तक एक कतार में एक हुजुम में जय श्रीराम के नारे के साथ चल रहे थे। जिसे देखकर सनातन धर्म के प्राणियों में सद्भावना हो व वसुदेव कुटुंबकम का साक्षात दर्शन नजर आया।
कार्यक्रम के अंत में बजरंग व्यायाम शाला पर आरती पश्चात सभी आसपास से गांवों से आये भक्त डीजे की धुन पर थिरकते हुऐ अपने अपने गाँव पहुंचे।
इस शोभायात्रा में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक, विश्व हिन्दू परिषद, करणी सेना परिवार, सहित सभी सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक संगठन उपस्थित रहे।
पुरी यात्रा के दौरान यातायात आवागमन को लेकर पुलिस प्रशासन की चाक चौबंद व्यवस्था रही।