सिंगोली। अयोध्या में 22 जनवरी को प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा एवं लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर नीमच जिले के सबसे वरिष्ट नेता और जावद क्षेत्र के 94 वर्षीय पूर्व विधायक दुलीचंद जैन को अपार खुशी हो रही हैं। दुलीचंद जैन राम मंदिर आन्दोलन के प्रमुख कार्यकर्ताओ में से एक रहे और आन्दोलन के हर पल के साक्षी रहे हैं। इसलिए आज भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर लोकार्पण को लेकर अत्यधिक खुश है।
अपनी खुशी को लेकर जैन ने कहा कि 500 वर्षो के कंलक को मिटाने में हमारी पीढ़ियो का संघर्ष आज रंग ला रहा है। इस बात की खुशी को बयां करने के लिए मेरे पास कोई शब्द नही है। रामकाज करने के लिए विश्व हिन्दु परिषद के नेतृत्व में जब जब कारसेवा का आदेश हुआ हम लोग हमेशा तत्पर रहे और संगठन से जो भी आदेश निर्देश हुए उनका पालन किया। संगठन ने सन 1992 मे कारसेवा के लिए आव्हान किया और मुझे जावद क्षेत्र का विधायक होने के नाते जावद की वाहिनी का प्रमुख का दायित्व दिया। इस पर जावद क्षेत्र से जावद, सरवानिया, मोरवन, डिकेन, रतनगढ़, झांतला, धारडी, सिंगोली से लगभग 44 कारसेवकों की टोली लेकर हम कार सेवा हेतू अयोध्या के लिए निकले। सिंगोली से कोटा और कोटा से ट्रेन द्वारा अयोध्या जाने के लिए निकले। अयोध्या जाते समय बीच रास्ते झांसी के पास हम लोगो को गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ दिन जेल मे रखने के बाद जैसे ही हमे छोड़ा गया तो हम लोग पुन: रामकाज हेतू अयोध्या के लिए चल दिए। चारो ओर सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था होने के बाद भी जहां जैसा साधन मिला वैसे हम आगे बढ़ते गए। अनेक संघर्षो के बाद 5 दिसंबर को जैसे तैसे हम लोग आखिर अयोध्या पहुंच ही गए। रात्री विश्राम के बाद 6 दिसंबर सुबह संगठन से कारसेवा का आदेश हुआ। जैसे ही कारसेवा का आदेश हुआ और पुरे देश से आए कारसेवक कारसेवा मे जुट गए और अंतंत कारसेवको ने 500 वर्षो के कंलक को ढ़हा दिया और उस क्षण के साक्षी बनने का सोभाग्य हमे भी मिला। ढांचा गिरने के पश्चात लम्बी कानूनी लड़ाई लड़ी गई और आखिर रामलला की जीत हुई ओर आज अयोध्या मे भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर तैय्यार है। और 22 जनवरी को इस भव्य राम मंदिर का लोकार्पण होगा हम इसके भी साक्षो बनेगे यह हमारे लिए परम सौभाग्य की बात होगी में इस क्षण की खुशी को शब्दो में बया नही कर सकता हुं।