चीताखेड़ा। इन दिनों नीमच - चीताखेड़ा मार्ग पर प्रतिदिन रात और दिन भर भूसे से भरे ओवरलोड ट्रेक्टर ट्राली बैखौफ होकर फर्राटे भरते हुए अन्य वाहनों के लिए यमराज बन हादसे का कारण बन रहे हैं। क्षमता से अधिक माल लादकर तेज गति से बैखौफ होकर गुजरने वाले टू-व्हीलर मोटरसाइकिलों एवं फोर व्हीलर वाहनों के साथ ही समीप से निकलने वाले वाहनों के लिए भी खतरा का अंदेशा बना रहता है। वहीं दूसरी ओर नल जल योजना के तहत पाइप लाइन हेतु खोदी जा रही या खोदी गई खाई भी एकदम सड़क की पटरी पर ही कार्य किया गया है जिससे वाहन सड़क से उतरते ही गड्ढे एवं उबड़-खाबड़ छोड़े जाने के कारण दुर्घटना ग्रस्त हो रहे हैं।
चीताखेड़ा से नीमच एवं चीताखेड़ा से चैनपुरा व छोटीसादड़ी मार्ग पर इस तरह के वाहन बड़ी संख्या में बैखौफ होकर बिना किसी के रोक-टोक के गुजर रहे हैं, मामले में जिम्मेदारों का कोई ध्यान नहीं है। जब दुर्घटनाग्रस्त होने पर जनता आक्रोशित होकर विरोध प्रदर्शन करती है तो पुलिस ट्रैक्टर ट्रॉली के खिलाफ मामला दर्ज करने के बजाए उल्टे जनता के खिलाफ प्रकरण बनाकर उन्हें कानून के शिकंजे में फसाने का प्रयास करती है। भूसे से ओवरलोड ट्रक एवं ट्रैक्टर ट्रॉली तथा जीभ व पिकअप में चारों तरफ झोला लटका कर गुजरते हैं और गुजरने वाले वाहनों को साइट भी नहीं देते। भूसे से ओवरलोड ट्रक, ट्रेक्टर ट्राली से बचने हेतु सड़क से नीचे उतरते ही नल जल योजना के तहत बिछाई गई पाइप लाइन के बाद समतलीकरण कार्य नहीं किया गया और उबड़-खाबड़ एवं बड़े बड़े गड्ढे एवं पत्थर पड़े हुए है जिससे वाहन दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। क्षेत्र की आमजनता ने संबंधित विभाग के अधिकारीयों से मांग की है कि दुर्घटना से पूर्व ही अगर बैखौफ ट्रैक्टर ट्राली एवं अन्य भूसे से ओवरलोड होकर दौड़ रहे वाहनों पर अंकुश लगाया जाए तो होने वाली अनहोनी टल सकती है।