चीताखेड़ा। राजस्थान के जगतप्रसिद्ध मंडफिया धाम के श्री सांवलिया सेठ मंदिर से आया शेर का जोड़ा माता का खेड़ा (चीता खेड़ा) में स्थित आवरी माता जी के अलौकिक दरबार में शुक्रवार को अल सुबह विधी विधान पूर्वक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुए विराजमान।
राजस्थान के धोलपुर पत्थर से गुजरात के कारीगर द्वारा बड़े ही आकर्षक ढंग से ढाई फीट ऊंचे और तीन फीट लम्बे 2 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित मां जगदम्बा की सवारी शेर का जोड़ा जगत के पालनहार भगवान श्री विश्वंभर सेठों का सेठ श्री सांवलिया सेठ के मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष भेरुलाल सोनी द्वारा चीता खेड़ा ( माता का खेड़ा) में विराजित आरोग्य देवी महामाया आवरी माता जी के अलौकिक दरबार में मुख्य दरवाजे पर विराजमान हेतु किए सप्रेम भेंट। जिनका मंदिर समिति अध्यक्ष मनसुख जैन सहित समिति एवं मां जगदम्बा के भक्तों के करकमलों द्वारा शुक्रवार को अल सुबह विधी विधान पूर्वक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुभ मुहूर्त में जय माता दी जय घोष के साथ प्रतिष्ठित किया गया। शेर का जोड़ा स्थापित होने से क्षेत्र के धर्मालुओं में हर्ष है। नवरात्रि पर्व को लेकर मंदिर एवं मेला समिति नौ दिवसीय मेले के आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। पूरे अंचल में आरोग्य देवी महामाया आवरी माता जी के इस बार 18 वां मेला समिति के तत्वावधान में विशाल मेले का आयोजित होने जा रहा है।