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April 5, 2024, 6:56 pm
KHABAR : ग्राम पिपलोन में श्रीराम कथा का आयोजन, भक्तों को प्रतिदिन मिल रहा कथा वाचक अपर्णा नागदा का सान्निध्य, पांडाल में उमड़ रही भीड़, पढ़े खबर 

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नीमच। ग्राम पिपलोन में आयोजित श्रीराम कथा में राम जन्म पर अयोध्या में राजा दशरथ के द्वारा इतनी बधाई दी गई की जिन्होंने बधाई को लूटा उसे भी राम नाम से लुटा दिया। एक माह तक पूर्ण उत्सव मनाया गया। शंकर भगवान ने भी एक बार चोरी की जिसकी चर्चा पार्वती से करते हुए कहते हैं कि काकभुशुण्डि के साथ भगवान शंकर अयोध्या आते हैं और ज्योतिषी के रूप में राम जी के दर्शन करते हैं। 

यह वृत्तांत कथा वाचक अपर्णा नागदा, मेनारिया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राम परिवार वाराणसी द्वारा व्यक्त किए। अपर्णा जी ने बताया कि आनंद तो जीवन का स्‍वरूप अपर्णा जी ने कहा कि जिनके थोड़े से आनंद से बाकी लोग आनंदित हो जाए वही राम है। आनंद तो आप का स्वरूप है प्रकट होने के माध्यम अलग-अलग है। किसी को भोजन में, किसी को पूजन में, किसी को जप में, सबके माध्यम तो अलग है, जहां अपेक्षा समाप्त होगी, आनंद वहीं से आएगा। आनंद की अनुभूति भी होती है और भ्रांति भी। राम नाम से ही आनंद की उत्पत्ति होती है। अपर्णा जी ने बताया कि जो सबको साथ लेकर चले, जो सब का भरण-पोषण करें उसी का नाम भरत है। विशिष्ट लक्षणों से युक्त लक्ष्मण हुए। जो शत्रुओं को आदेश पाते ही समाप्त कर दें वे शत्रुघ्न हुए। जीव मात्र के परम कल्याण के लिए समय-समय पर स्वयं भगवान इस संसार में विभिन्न रूपों में अवतरित होते हैं। यद्यपि भगवान के प्रगट होने में अनेक कारण हैं।अपर्णा जी  ने कहा कि लक्ष्मण जी साक्षात कर्म हैं। जब गृहस्थ जीवन में ज्ञान के साथ साथ भक्ति भी आ जाती है। तभी व्यक्ति का गृहस्थ आश्रम सुखपूर्वक व्यतीत हो सकता है। गृहस्थ में रह कर ही जागना है। हमारे मन वचन और कर्म भगवान को समर्पित हो। बस यही एक छोटा सा सूत्र भी काफी है,भगवान को प्राप्त करने के लिए।

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