चीताखेड़ा। आवरी माता जी मन्दिर परिसर में नवनिर्मित पक्षी रात्रि विश्राम हेतु टावर का कल दिवस 7 अप्रैल 2024 रविवार को दोपहर 4 बजे पांच संतों के करकमलों द्वारा लोकार्पण होने जा रहा है।इस आधुनिक जीवन शैली में मूक पक्षियों की सामान्य रूप से रहने में बाधक बन गई है, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, खेतों में कृषि रसायनों का अधिकाधिक प्रयोग, टेलीफोन टावरों से निकलने वाली तरंगें, डीजे की ध्वनि प्रदुषण ,पक्के मकानों(बिल्डिंगों) पर जाल डालने और कांच की खिड़कियां तथा खेतों में लगे बगीचों एवं अन्य फसलों पर जाल बिछा कर रखने से इनके जीवन के लिए प्रतिकूल है।
टावर निर्माण हेतु मथुरा लाल पाटीदार ने लिया था संकल्प
मध्यप्रदेश आदर्श गौशाला पुरस्कार से सम्मानित गौभक्त सामाजिक कार्यकर्ता मथुरा लाल पाटीदार सकरानी ने 4 माह पूर्व आवरी माता जी मन्दिर परिसर में पक्षी रात्रि विश्राम हेतु टावर निर्माण हेतु4 माह पूर्व संकल्प लिया था। जो कुछ ही दिनों में पूर्ण भी हो गया। टावर निर्माण कार्य सिर्फ 3 माह का समय लगा । मथुरा लाल पाटीदार ने बताया कि 2004 में जब स्वयं भाटखेडा की गौशाला का संचालन कर रहे थे उस दौरान गौशाला का श्रेष्ठ संचालन को देखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती ने प्रभावित होकर मध्यप्रदेश आदर्श गौशाला पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पक्षी रात्रि विश्राम टावर निर्माण कार्य पूरा होने पर इसके लोकार्पण समारोह के अवसर पर जीरन के पास अपने निवास स्थान सकरानी गांव से रविवार को प्रातः 5 बजे नर सेवा नारायण सेवा समिति और दाना पानी समिति के 150 से भी अधिक सदस्यों के साथ पैदल यात्रा आवरी माता जी मन्दिर तक प्रारंभ करेंगे।
मकानों की मिट्टी की दीवारों की दरारों में बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर बने टिन शेडों और घरों के आंगन में चहचहाहट पक्षियों की धीरे-धीरे शहरों एवं ग्रामीण अंचलों से गायब होने लगी है। पूरे उज्जैन संभाग में यह दूसरा पक्षी रात्रि विश्राम टावर है जो जीरन तहसील का एक मात्र चीताखेड़ा गांव के आवरी माता जी माता जी मन्दिर परिसर में बनकर तैयार हो चुका है। जहां 160 सदस्यों की नर सेवा नारायण सेवा एवं पक्षी दाना समिति है जिन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पीडित व्यक्ति हो या पशु,पक्षी उनकी रक्षार्थ हेतु दाना पानी, दवा और दुआओं के लिए हर पल तत्पर रहते हुए उनके समाधान हेतु निकल पड़ते हैं। बीना कोई लोभ लालच के पक्षियों की ओलावृष्टि , बारिश शीतलहर एवं लूं के थपेड़ो से जान मान की रक्षा एवं भूखें को भोजन, पानी के अलावा रात्रि विश्राम हेतु जीवों रक्षार्थ हेतु परमार्थी कदम उठाए हुए हैं। नीमच जिले के जीरन तहसील के चीताखेड़ा गांव से लगा तीर्थ स्थल आरोग्य देवी महामाया आवरी माता जी मन्दिर परिसर में 12 लाख रुपए की लागत से 8 मंजिला 72 फिट ऊंचा टावर (कालोनी) घर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। जिसका लोकार्पण श्रीमद् भागवत कथाकार पंडित दशरथ शर्मा, पंडित गोरी शंकर शर्मा, पंडित निरंजन शर्मा, पंडित घनश्याम व्यास, पंडित मनिष नागर पांचों पंडितों के कर कमलों द्वारा कल रविवार को दोपहर 4 बजे लोकार्पण किया जा रहा है। जिसमें एक साथ तीन हजार पक्षी रात्रि विश्राम कर सकेंगे। चौत्र नवरात्र से पूर्व 7 अप्रैल को यह पक्षी रात्रि विश्राम हेतु नव निर्मित टावर पक्षियों के निवास हेतु पक्षियों के हवाले कर दिया जाएगा।
नर सेवा नारायण सेवा समिति के वरिष्ठ दिनेश गुर्जर ने बताया है कि 10 से 15 सालों में पक्षियों की चहचहाहट में काफी कमी आई है। पक्षियों की तादाद इतनी अधिक होते हुए भी किसान और हर आम व्यक्ति की सोच पर्यावरण एवं जीवरक्षा के प्रति जागरूक था परन्तु अब इनकी समय के साथ- साथ मूक पक्षियों की सेवार्थ के प्रति परिवर्तन देखने को मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर पक्षियों की दिनों दिन संख्या में भी कमी आई है इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए नर सेवा नारायण सेवा समिति ने पक्षियों की सेवार्थ एवं रक्षार्थ हेतु परमार्थी कदम उठाया है। नर सेवा नारायण सेवा समिति के वरिष्ठ नरेश पाटीदार ने बताया है कि एक समय आसमान में पक्षियों के बड़े- बड़े झुंड के झुंड हवा से बातें करते हुए इधर-उधर उड़ते दिखाई पड़ते थे लेकिन आज जैसे ही टेलीफोन टावरों एवं डीजे की ध्वनि प्रदुषण से सारे पक्षी विलुप्त हो गए हैं। इनकी संख्या फिर से बढ़ाने के उद्देश्य है।