चित्तौड़गढ़। ब्रह्मा कुमारी सेवा केंद्र प्रताप नगर पर महाराष्ट्र जलगांव कासोदा सेवा केंद्र से पधारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी मीरा दीदी ने बताया परख शक्ति को बढ़ाने के लिए मन में किसी भी व्यक्ति और वस्तु पदार्थ के प्रति हमारी नकारात्मक भावना ना हो मन में सर्वे के प्रति शुभ भावना श्रेष्ठ कामना का ही विचार हो सभी के प्रति शुभचिंतक रहे। समस्या कहीं से भी किसी भी रूप में आए चाहे कोई व्यक्ति या प्राकृतिक आपदाएं कैसी भी परिस्थिति में हमारे मन में अशुभ भाव उत्पन्न ना हो तभी मन पवित्र हो सकता है। उन्होंने बताया कि मन में शुद्ध विचारों की जो तरंगे प्रवाहित होती है उसे हमारे आसपास का वातावरण और सभी मनुष्य आत्माएं सकारात्मक हो जाती है इसलिए विचारों की शक्ति को समझना और प्रयोग में लाना है। उन्होंने बताया काम बोले मीठा बोले धीरे बोल और सोच समझ कर बोले जो मानव अपने मुख को मधुर बनाता है वह शहर ही सबके दिलों में स्थान प्राप्त करता है। जो जितना अपने शब्दों पर लगाम रखता है उसके शब्द उतने ही प्रभावशाली होते हैं। उन्होंने बताया कि परख शक्ति को बढ़ाने के लिए हम अधिक से अधिक मौन रहे अंतर्मुखी बने। दो नेत्रों से हम पूरी दुनिया को नहीं देख सकते परंतु मोबाइल हाथ में है तो कभी भी किसी भी समय पूरी दुनिया को देख सकते हैं । पूरा हिसाब इसमें है हम जो भी देखते हैं सीधा मन और चित्त को प्रभावित करता है इसलिए ध्यान रखना है की दृष्टि के माध्यम से मन और बुद्धि को किस प्रकार का हम भोजन दे रहे हैं। सेवा केंद्र के संचालिका राजयोगिनी आशा दीदी ने बताया मीरा दीदी पिछले 45 वर्षों से ईश्वरी सेवाओं में समर्पित है। उनके साथ उनकी बड़ी बहन बीके लीला जिन्होंने अपनी दोनों बहनों को मीरा दीदी और आशा दीदी को ईश्वरी मार्ग दिखाया। आज क्लास में उपस्थित आदरणीय दीदी का साफा और ऊपरना पहनाकर सम्मान किया गया। अपने ईश्वरी वचनों से क्लास में सभी को लाभान्वित किया।