नीमच। आवारा कुत्तों के आतंक से नीमच थर्राया हुआ है। अक्सर बच्चों, महिलाओं और राहगीरों पर खूंखार कुत्ते नीमच की सड़कों, मोहल्ले और चौराहों पर हमला कर रहे हैं। लेकिन नीमच नगरपालिका कुंभकरण की नींद सो रही है। हर समस्या पर दायित्व बोध से परे होकर हाथ खड़े कर देना नगर पालिका के जिम्मेदारों की आदत में शुमार हो चुका है। फिर एक बार गरीब मजदूर के 4 वर्षीय मासूम बच्चे शिवा पिता लाल मीणा को स्कीम नंबर 34 में आवारा कुत्तों ने हमला कर बुरी तरह नोच लिया। सुबह 7 बजे का समय था। शिवा की मां अन्नू खाना बना रही थी। पिता शौच के लिए गया हुआ था। तभी चार-पांच कुत्ते शिवा पर हमलावर हो गए। आसपास वालों की मदद से बुरी तरह जख्मी शिवा को जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां उसका उपचार हुआ। नगरपालिका के जनप्रतिनिधि और अधिकारी हर घटना पर कुत्तों को पकड़ने के दावे करने की रस्मत अदायगी करते हैं। डॉग शेल्टर हाउस की बातें करते हैं। नगर पालिका का स्वास्थ्य विभाग अपनी डींगे हांकता है। कुत्तों का डर और आतंक इतना ज्यादा हो गया है कि महिलाएं और बच्चे घरों से बाहर निकलने में डरते हैं। यहां तक कि कुत्तों के ख़ौफ के चलते बाहर के लोग नीमच आने से परहेज करने लगे हैं। नगरपालिका की कार्य शैली को देखकर तो लगता है कि इन्हें इंसान की बेशकीमती ज़िंदगी की कोई परवाह नहीं है।