नीमच। नव विवाहिता जिसके हाथों की मेहंदी भी नहीं सूखी थी, जिसकी शादी 1 मई 2024 को हुई थी, वह नीमच के जिला चिकित्सालय में स्टाफ और डॉक्टर की लापरवाही के कारण मौत की बलि वेदी चढ़ गई। इसके बाद जिला अस्पताल में परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। पुलिस भी जिला अस्पताल पहुंच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जशोदा पिता गणपत लाल रावत मीणा निवासी अचारी की शादी केवल 30 दिन पूर्व देवी सौम्या मनासा में आयुष उर्फ अजय से हुई थी। कल जशौदा की अचानक तबीयत खराब हो गई। उसे मनासा के अस्पताल ले जाया गया। पेट दर्द और खून की कमी बताई गई। मनासा से उसे नीमच के लिए रेफर किया गया। परिवार के लोग कल शाम को जिला अस्पताल लेकर आए। तब से किसी डॉक्टर ने आकर मरीज की खैरखबर नहीं ली। परिवारजन बार-बार खून की बोतल चढ़ाने और इलाज के लिए स्टाफ से आग्रह करते रहे। लेकिन केवल ग्लूकोज की बोतल चढ़ा दी गई। सुबह जब जशौदा को घबराहट ज्यादा हुई तब भी गंभीरता से डॉक्टर आए ही नहीं और स्टाफ ने ध्यान नहीं दिया। सुबह 9.20 पर जसोदा ने दम तोड़ दिया। इमरजेंसी केस था, लेकिन साधारण ढंग से ट्वीट किया गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिला अस्पताल में आए दिन इस तरह के मामले सामने आते हैं। लेकिन किसी तरह का सुधार और जिम्मेदार स्टाफ पर कारवाई नहीं की जाती। समझ से परे हैं कि एक्शन क्यों नहीं होता। कोई संवेदनशीलता क्यों नहीं दिखाई जाती।
नव विवाहित जसोदा पिता गणपति लाल रावत मीणा की मौत से मचे हड़कंप के बाद परिजन ड्यूटी पर रहे। डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। जिन्होंने भी अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरती है, उन्हे निलंबित किया जाए। हंगामा के बीच जिला अस्पताल में तहसीलदार जागृति जाट, पुलिस अधिकारी सौरभ शर्मा, शिशुपाल सिंह गौड़ पहूंचे। परिजनों को समझाने की कोशिश की जा रही है।