नीमच। संयम जीवन का पालन किए बिना मोक्ष नहीं मिलता है ।संयम जीवन का अवसर सिर्फ मानव योनि में ही मिलता है। सभी प्राणियों के लिए जीव दया का समान भाव होना चाहिए तभी संयम मार्ग मिलता है। मोक्ष मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए कोई आयु अनिवार्य नहीं होती है ब्रह्मचर्य की शक्ति बहुत ताकतवर होती है इसकी शक्ति से मनुष्य संसार की बड़ी से बड़ी समस्या का निराकरण सरलता से कर सकता है लेकिन वह कार्य जनहित में और सभी की भलाई के लिए होना चाहिए।यह बात आचार्य जिन सुंदर सुरी श्री जी महाराज ने कहीं।
वे जैन श्वेतांबर श्री भीड़ भंजन पार्श्वनाथ मंदिर श्री संघ ट्रस्ट पुस्तक बाजार के तत्वावधान में मिडिल स्कूल मैदान स्थित जैन भवन में आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पूजा के लिए कैसर स्वयं ही घीसना चाहिए तभी पूजा का फल हमें मिलता है। पुजन सामग्री स्वयं की ईमानदारी की मेहनत और नीति पूर्व कमाई हुए धन से खरीदना चाहिए। पूजा का सही फल तभी हमें मिलता है।पूज्य आचार्य भगवंत श्री जिनसुंदर सुरिजी मसा, धर्म बोधी सुरी श्री जी महाराज आदि ठाणा 8 का सानिध्य मिला। आचार्य भगवंत के प्रवचन एवं धर्मसभा हुई। प्रतिदिन सुबह 9.15 बजे प्रवचन करने के व साध्वी वृंद के दर्शन वंदन का लाभ नीमच नगर वासियों को मिला प्रवचन का धर्म लाभ लिया।