इंदौर। संस्था सृजन द्वारा सावन माह में निकाली जा रही ओंकारेश्वर ममलेश्वर तीर्थ दर्शन यात्रा शुरुआत गुरुवार को हुई। बड़ा गणपति से सुबह चुनरी यात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाएं 1101 फीट की चुनरी मां नर्मदा को चढ़ाने के लिए इंदौर से हजारों महिलाएं ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुई। इसमें पांच हजार से अधिक महिलाएं शामिल होकर 21 लाख ऊँ नमरू शिवाय के मंत्रों का जाप किया। भोले की भक्ति में रमें हजारों श्रद्धालुओं ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 51 लाख पौधारोपण में पौधे भी रोपे। तीर्थ दर्शन यात्रा महर्षि महामंडलेश्वर स्वामी उत्तम स्वामी महाराज के सान्निध्य में निकाली गई। भजनों पर झूमती नाचते हुए मातृशक्तियों ने मां नर्मदा को चुनरी ओढ़ाई।
संस्था अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल, महेश दलोत्रा, संयोजक गोविंद गोयल ओर महिला संयोजिका तनुजा खंडेलवाल ने बताया कि शिव आराधना के महीने सावन में शहर के अलग- अलग क्षेत्र से ओंकारेश्वर ममलेश्वर तीर्थ दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जत्था गुरुवार से शुरू हुआ है जो 3 अगस्त तक निरंतर चलेगा। ओंकारेश्वर ममलेश्वर ज्योर्तिलिंग की 10 चरणों में शामिल होने वाली 40 हजार मातृशक्ति की यात्रा के पहले दिन बड़ा गणपति चौराहे से 85 कालोनी की 78 से अधिक समाजों की हजारों मातृशक्तियां परिवार सहित बसों और कारों से ओंकारेश्वर- ममलेश्वर के लिए रवाना हुई।
इसके पहले 10 दिवसीय यात्रा की शुरुआत ध्यान योगी महर्षि महामंडलेश्वर स्वामी श्री उत्तम स्वामी महाराज ने की। उनके साथ हंसदास मठ के पवनदास महाराज, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता एमआईसी सदस्य निरंजन सिंह चौहान सहित अन्य मौजूद थे। बड़ा गणपति से 1101 फीट की चुनरी यात्रा शुरू हुई, जिसमें हजारों महिलाएं चुनरी लेकर नर्मदा मैया के जयकारे लगाते हुए शामिल हुई। महिलाएं हाथों में चुनरी थामे मां नर्मदा को चढ़ाने निकली। बड़ा गणपति से शुरू हुई यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए संगम कॉर्नर पहुंची, वहां से बसों से ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुई। चुनरी यात्रा में बग्घी पर ध्यान योगी महर्षि महामंडलेश्वर स्वामी श्री उत्तम स्वामी महाराज सवार थे।
महामंडलेश्वर स्वामी श्री उत्तम स्वामी महाराज ने आशीर्वचन में कहा कि जो ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का दर्शन कर लेता है, उसे चार धाम यात्रा करने का पुण्य मिलता है। आप सभी हजारों महिलाएं सौभाग्यशाली हैं कि संस्था सृजन सावन माह में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करा रही है। जीवन में निंदा करना जरूर छोड़ना चाहिए, निंदा कभी किसी की नहीं करें। कुछ अच्छा लेकर जाएं और कुछ अच्छा लेकर आएं। अपने बच्चों को भी धर्म के प्रति अच्छे संस्कार दीजिए।
यात्रा में शामिल हजारों महिलाएं ओंकारेश्वर पहुंची, वहां महिलाओं द्वारा पार्थिव शिवलिंग का निर्माण भी किया गया। यात्रा के अवसर पर शामिल होने वाली मातृशक्तियों ने ॐ नम शिवाय के 21 लाख मंत्रों का जाप किया। फिर वहां ढोल-ढमाकों से चुनरी यात्रा निकाली गई। मां नर्मदा को चुनरी चढ़ाई, चुनरी चढ़ाने के बाद मां नर्मदा का जल लेकर महिलाएं कावड़ लेकर निकली फिर वेद मंत्रों के बीच महादेव का अभिषेक हुआ।
मध्यप्रदेश में सर्वप्रथम निरूशुल्क तीर्थ यात्रा शुरू करने वाली संस्था सृजन की ओंकारेश्वर ममलेश्वर की 185वीं यात्रा है। आज तक 184 यात्राओं के माध्यम से हजारों मातृशक्तियों ने हर साल यात्रा में शामिल होकर पुण्य लाभ लिया है। इस बार यात्रा में शामिल होने वाली सभी माता बहनों का नाम मात्र के शुल्क पर विधिवत रजिस्ट्रेशन किए गए हैं। इसमें माता बहनों के बस द्वारा आने जाने की व्यवस्था सहित चाय नाश्ते ओर मालवा के प्रसिद्ध शाही दाल बाफले चूरमे की भोजन व्यवस्था रही है। यह यात्रा महामंडलेश्वर उत्तम स्वामीजी के सान्निध्य में निकाली जा रही है। यात्रा दूसरे दिन शुक्रवार को सुबह 8रू30 बजे वृंदावन कालोनी से निकाली गई।