भोपाल। श्रावण मास चल रहा है, जो भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इसलिए श्रद्धालु मनोकामनाओं के लिए कई तरह से अभिषेक कर भगवान को प्रसन्न कर रहे हैं। साथ ही व्रत साधना और पूजा व मंत्र जाप आदि भी कर रहे हैं। पंडित भंवरलाल शर्मा ने बताया कि वैसे तो शिव पूजा की विभिन्न विधियां हैं, लेकिन उन्हें प्रसन्न करने का श्रेष्ठ उपाय है, अभिषेक करना। आमतौर पर लोग जल व दूध से अभिषेक करते हैं, परंतु उनका विभिन्न खाद्य वस्तुओं व वनस्पति आदि से भी अभिषेक करने का विधान है। अर्थात जैसी पूजा-अभिषेक, वैसा फल मिलता है। जैसे गंगाजल से अभिषेक करने से रोग निवारण होता है, घी से वंश वृद्धि, शहद से सुख समृद्धि व तेल से अभिषेक करने पर शत्रु पर विजय होती है। पार्थिव शिवलिंग बनाकर अभिषेक करने से मृत्यु तुल्य कष्ट दूर होते हैं और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।
इधर, बड़वाले महादेव मंदिर समेत कई शिवालयों में अखंड ओम नमः शिवाय व महामृत्युंजय मंत्र जाप किया जा रहा है सभी श्रद्धालु शिव को प्रसन्न करने के जतन कर रहे हैं।