इंदौर। संस्था सृजन द्वारा सावन मास में निकाली जा रही ओंकारेश्वर ममलेश्वर तीर्थयात्रा तीसरे दिन नगीन नगर से निकाली गई। बड़ी संख्या में मातृशक्तियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। यात्रा में 115 समाजों की हजारों मातृशक्तियां सामाजिक समरसता के संदेश के साथ ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुई। यात्रा के दौरान हजारों मातृशक्तियों ने ओंकारेश्वर पहुंचकर पौधारोपण किया। नर्मदा मैया को चुनरी चढ़ाई। श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण भी किया।
संस्था सृजन अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल, महेश दलोद्रा, तनुजा खंडेलवाल ने बताया कि सावन माह में ओंकारेश्वर ममलेश्वर ज्योर्तिलिंग की 10 चरणों में शामिल होने वाली 40 हजार मातृशक्तियों की यात्रा के तीसरे दिन नगीन से 75 कालोनी की 100 कालोनी की 135 से अधिक विभिन्न समाजों की हजारों मातृशक्तियां परिवार सहित बसों और कारों से ओंकारेश्वर ममलेश्वर के लिए रवाना हुई, जिसमें यह हजारों मातृशक्तियां सामाजिक समरसता के संदेश को लेकर यात्रा पर निकली। इसके पहले यात्रा ढोल धमाके के साथ निकली, जिसमें हजारों महिलाएं झूमती नाचती हुई चली। यह यात्रा महामंडलेश्वर उत्तम स्वामीजी के सान्निध्य में निकाली जा रही है।
कमलेश खंडेलवाल ने बताया कि शनिवार को यात्रा नगीन नगर से निकली गई जो ओंकारेश्वर ममलेश्वर पहुंची, वहां महिलाओं द्वारा पार्थिव शिवलिंग का निर्माण भी किया। यात्रा के अवसर पर शामिल होने वाली मातृशक्तियो ने ॐ नम शिवाय का जाप किया। सभी मातृशक्तियों ने 22 लाख मंत्रों का जाप किया और ओंकारेश्वर में पार्थिव शिवलिंग का पूजन भी किया। उसके बाद श्रीमद् भागवत कथा में सम्मिलित होकर कथा का श्रवण किया, यह कथा विवेकानंद महाराज के मुखारविंद से हो रही है, उन्होंने कहा कि मंदिर के शिखर दर्शन करने मात्र से ही सारे संकटों का नाश हो जाता है। उसके बाद चुनरी यात्रा भी निकाली गई। महिलाओं ने मां नर्मदा को चुनरी ओढ़ाई गई।
कमलेश खंडेलवाल ने बताया कि संस्था सृजन की ओंकारेश्वर ममलेश्वर की 185वीं यात्रा है। इसमें हजारों की संख्या में मातृशक्तियां शामिल होकर हर वर्ष यात्रा करके पुण्यलाभ लेती हैं। इसमें सभी माता-बहनों को बस द्वारा आने-जाने की व्यवस्था रहती है। रविवार को कुशवाह नगर से यात्रा रवाना हुई है।