नीमच। नेत्र रोग उपचार के क्षेत्र में सुगमतापूर्वक विश्वस्तरीय सुविधाएँ सुलभ करवाने की नीति के अंतर्गत जिला मुख्यालय नीमच स्थित मध्यप्रदेश के अग्रणी नेत्र चिकित्सालय गोमाबाई नेत्रालय में अत्याधुनिक संसाधनयुक्त ऑक्युलर प्रोस्थेटिक आई डिपार्टमेंट प्रारंभ किया गया हैं । रोग अथवा दुर्घटना से पूर्णतः क्षतिग्रस्त या जन्म से अविकसित आँख की जगह यहां ऑक्युलर प्रोस्थेटिक अथवा नकली आँख प्रत्यारोपित कर पीड़ित व्यक्ति को दर्द और हीनभावना से पूरी तरह निजात दिलाई जा सकेगी।
नेत्रालय प्रबंधन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गोमाबाई नेत्रालय अपनी स्थापना के समय से ही नेत्र रोग परीक्षण और निदान के लिए विश्व स्तरीय उत्कृष्ट सेवाएं सुलभ करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञों, अत्याधुनिक जांच उपकरणों, प्रशिक्षित स्टॉफ, उत्तम व्यवस्थाएं और किफायती उपचार के आधार पर नेत्रालय ने मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों के रोगियों का सफलतम उपचार कर भरोसा एवं सम्मान अर्जित किया है। नेत्रालय में उपचार सुविधाओं के निरन्तर विस्तार की इसी श्रृंखला में ऑक्युलर प्रोस्थेटिक आई डिपार्टमेंट प्रारम्भ किया गया हैं।
प्रोस्थेटिक या नकली आँख प्रत्यारोपण की आवश्यकता और उपयोगिता-
ऑक्युलर प्रोस्थेटिक या नकली आंखें उन लोगों को लगाई जाती है जिन्होंने अपनी आंखें किसी कारणवश खो दी हों। कभी-कभी एक आंख सिकुड़ कर छोटी हो जाती है या कुछ वजहों से जन्म के बाद विकसित नहीं हो पाती है। कई बार किसी ट्रॉमा, सर्जरी या कैंसर के कारण भी ऐसी स्थिति उत्पन हो जाती है। इससे न केवल प्रभावित व्यक्ति के चेहरे की खूबसूरती पर असर पड़ता है बल्कि मानसिक रूप से भी दर्द और हीनभावना उनके व्यक्तित्व में झलकने लगती है।
ऐसे ही पीड़ित - प्रभावित व्यक्ति की क्षतिग्रस्त आँख की जगह ऑपरेशन के जरिये प्रोस्थेटिक आई या आर्टिफीशियल आई लगाई जाती हैं । इस प्रक्रिया की खासियत यह है कि कांच की आंख को सजीव दिखाने के लिए खून की नसें बहुत ही बारीकी से बनाई जाती हैं । कोशिश पूरी की जाती है की दूसरी आंख से मिलते हुए रंग रूप की आंख तैयार की जाए ताकि दोनों ऑंखे बिल्कुल समान और प्राकृतिक स्वरूप जैसी ही दिखाई दें और सही मूवमेंट्स भी करे।
नकली आँख को लगाने में कोई भी दर्द या चुभन नहीं होती है। सामान्य आँख पर दूसरी आँख में लगने वाली नकली आँख का कोई भी दुष्परिणाम नहीं होता है । इसे लगाकर अपने सारे काम आराम से कर सकते हैं । पांच साल तक इसके रख - रखाव का कोई भी खर्चा नहीं है। इसको लगवाने की कोई उम्र सीमा नहीं है। मामूली सी जाँच के बाद इसको किसी भी उम्र का व्यक्ति लगवा सकता है। बच्चों को भी लगाई जा सकती है।
प्रत्यारोपित की जाने के बाद नकली आँख के बिल्कुल प्राकृतिक आँख की तरह ही दिखने एवं मूवमेंट करने से क्षतिग्रस्त आँख की वजह से असहजता और हीनभावना की पीड़ा झेल रहे व्यक्ति पूरी तरह सहज , आत्मविश्वास से पूर्ण और मानसिक तकलीफ से मुक्ति पाकर प्रसन्नता का अनुभव करते है। गोमाबाई नेत्रालय में इस विशिष्ट उपचार सेवा का लाभ नीमच के इर्द - गिर्द तीन सौ किलोमीटर क्षेत्र के रहवासियों को मिल सकेगा।