खाचरोद। गांव पानवासा में एक नंदी (सांड़) की मौत हो गई. इससे दुखी लोगों ने सांड को ठीक उसी जमीन के अंदर समाहित कर दिया, जिस तरह किसी इंसान की मौत होती है। हिंदू रीति-रिवाज से भूमि दाग किया गया उसके बाद लोगों ने बताया कि 12 दिन बाद नंदी की याद में ब्राह्मण भोज भी होगा।
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में इन दिनों एक शव यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है. पानवासा गांव में नंदी यानी एक सांड़ की मौत के बाद उसकी शव यात्रा निकाली गई. बैंड-बाजे के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण नंदी की अंतिम यात्रा में शामिल हुए स्थानीय लोगों का कहना है कि नंदी से लोगों का खास जुड़ाव था पूरे गांव में वह जहां भी जाता, कोई उसे भोजन के लिए मना नहीं करता था इतना ही नहीं एक दिन अगर वो नहीं दिखता तो लोग उसे ढूंढ़ने निकल जाते थे।
भगवान राम के जयकारों के साथ निकली शव यात्रा जानकारी अनुसार पानवासा में नंदी की मौत हो गई 25 वर्ष से गांव में रह रहे नंदी की मौत से पूरा गांव दुखी है नंदी की मौत के बाद ग्रामीणों ने वाहन में उसका शव रखा और बैंड बाजे के साथ भगवान के नाम का जाप करते हुए अंतिम यात्रा निकाली बड़ी संख्या में महिलाएं भी नंदी की शव यात्रा में शामिल हुईं। बता दें कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत बानी पानी की टंकी के पास बड़ा गड्ढा बनाकर विधि विधान से नंदी को दफनाया गया।