चीताखेड़ा। स्थानीय गांव में पीठ मार्ग पर भटवाड़ा मौहल्ले में स्थित 800 साल पुराना अतिप्राचीन भगवान श्री राम के परम भक्त संकटमोचन श्री हनुमान जी ताले में बंद थे जो 7 सालों बाद श्री श्री 1008 श्री महंत पुरुषोत्तम जी महाराज के परम शिष्य श्री 108 श्री महंत बाल योगेश्वर दास जी महाराज के कर-कमलों द्वारा बंद ताले से मुक्त हुए। और 7 सालों बाद मुख्य गर्भग्रह का किया गया शुद्धि करण के दौरान साफ-सफाई की गई जिसमें पांच तगारी से भी अधिक कचरा गंदगी निकली। मुख्य गर्भग्रह में मकड़ियों ने झालें एवं लाल भंवरी ( जल्लियों) ने बड़े बड़े छत्ते बना रखें थे। शुद्धिकरण कर हनुमानजी को मनमोहक चोला चढ़ाया गया। फिर से विधिवत पूजा अर्चना शुरू हुई।
उल्लेखनीय है कि विगत 78 सालों से श्री राम के अजर-अमर परम भक्त चमत्कारी संकटमोचन श्री हनुमान जी की पुजा अर्चना अस्त-व्यस्त चल रही थी। पुजारी अन्य मंदिर में व्यस्त होने के कारण पूरी तरह से यहां ध्यान नहीं दे पा रहे थे। धीरे-धीरे हनुमान जी का मंदिर खंडहर में तब्दील होने लगा था कि जागरुक युवाओं की जागरूकता के चलते राजस्थान के भीलवाड़ा के पास स्थित आरजा जहां स्वर्गीय श्री श्री 1008 श्री महंत पुरुषोत्तम दास जी महाराज के मुख्य आश्रम गये और वहां पर चीताखेड़ा बजरंग मंदिर पर चल रही अव्यवस्था की दास्तान सुनाई। जिस पर पुरुषोत्तम जी महाराज के परम शिष्य श्री 108 श्री महंत बाल योगेश्वर दास जी महाराज अपने साथ सेवक गोपाल राव, नंदलाल माली, नारायण लाल माली, बलवीर, शिवलाल के साथ चीताखेड़ा आने को तैयार हुए। सभी 5-6 महंतों के चीताखेड़ा आगमन पर आवरी माताजी मुख्य दरवाजा नई आबादी से ढोल-ढमाकों के साथ जोरदार स्वागत सत्कार कर गांव के विभिन्न मार्गों से परिभ्रमण करते हुए बजरंग बली के जयकारों के साथ जुलूस के रूप में बजरंग मंदिर पहुंचे। जुलूस के दौरान जिस मार्ग से महंत बाल योगेश्वर दास जी महाराज गुजरे जगह-जगह पुष्प मालाओं से स्वागत सत्कार कर आर्शीवाद लिया। पुलिस सहायता केंद्र चीताखेड़ा पुलिस सहायता से 7 सालों से ताले में केद बजरंग बली जी को ताला खोलकर मुक्त कराया। पूरे मंदिर को शुद्धिकरण कर हनुमानजी को मनमोहक चोला चढ़ाया गया। इस सराहनीय निर्णय से ग्रामवासियों में अपार उत्साह है।
हनुमान जी के परम भक्त युवाओं की एक टीम ने बजरंग मंदिर में फैली चारों ओर गंदगी को साफ सफाई की बागडोर संभाले हुए हैं। श्री 108 श्री महंत बाल योगेश्वर दास जी महाराज के आने के बाद हनुमान जी मन्दिर पर एक बार फिर से बजरंगबली के दिव्य दर्शन करने हेतु श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है।