इंदौर। विहिप की स्थापना के 60वें वर्ष को शहर भर में षष्ठिपूर्ति वर्ष के रूप में बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया गया। विश्व हिंदी परिषद स्थापना दिवस के कार्यक्रम 24 अगस्त से प्रारंभ हुए थे जो 1 सितंबर तक चले। इसमें 5000 से अधिक परिवारों ने सहभागिता की। स्थापना दिवस के कार्यक्रमों में केंद्र से लेकर जिला स्तर तक के पदाधिकारी ने अपने विषय में बताया कि 1964 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर विश्व हिंदू परिषद की स्थापना की गई थी।
सभी प्रखंडों तक सेवा करने में लगे विहिप के कार्यकर्ता
विहिप के प्रचार प्रसार प्रमुख गन्नी चौकसे ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित और जागृत करने, हिन्दू मानबिंदुओं तथा जीवन मूल्यों की रक्षा व संवर्धन तथा विदेशस्थ हिंदुओं से संपर्क स्थापित कर उन्हें सांस्कृतिक रूप से सुदृढ़ बनाकर उनकी सहायता करना है। विहिप देश में गो हत्या पर प्रतिबंध, मतांतरण और लव जिहाद पर रोक लगाने के लिए अभियान चला रही है। इंदौर के सभी जिलों में सेवा केंद्र शुरू कर सभी प्रखंडों तक सेवा कार्य करने में विहिप के कार्यकर्ता लगे हैं। सामाजिक जागरूकता के माध्यम से विहिप ने अब तक अनेक हिंदुओं को मतांतरित होने से बचाया।
8 अक्टूबर 1984 को विहिप की युवा शाखा के रूप में बजरंग दल की स्थापना की गई। बजरंग दल ने नशा मुक्ति का अभियान चलाकर लाखों नवयुवकों को नशे के रास्ते पर जाने से रोका। विहिप के इंदौर में अनेकों सेवा प्रकल्प चल रहे हैं सेवा प्रकल्पों में शिक्षा, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य, आश्रय तथा बाल संस्कार केंद्र चल रहे हैं। इनसे हिंदू समाज के परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।