सिंगोली। श्री वर्धमान स्थानक भवन पर मनाए जा रहे पर्युषण महापर्व के पांचवे दिन दान दिवस के रूप मे मनाया गया। आज के प्रवचन में बोलते हुए युवा स्वाध्यायी यश पगारिया ने बताया की हम महावीर की संतान है। हमे हमारे गुरू भगवंतो ने दान का महत्व समझाते हुए बताया कि दान और समर्पण जीवन के उद्धार करने वाले मार्ग है। हमारे पूर्वज भामाशाह और कुमारपाल के साथ सती चंदनबाला ने दान के सच्चे भाव के दम पर अपने जीवन का उद्धार किया। हम भी हमारे अंदर दान के संस्कार लाए ओर अपने जीवन का उद्धार करने वाले मार्ग पर आगे बढ़े।
वरिष्ट स्वाध्यायी सुशील सुराणा ने बोलते हुए दान का महत्व बताते हुए कहा कि दान का हमारे जीवन मे बड़ा महत्व है। हमारी आने वाली पीढी में दान देने के संस्कार देना हमारा दायित्व माने हमारे शास्त्रो में दान का बड़ा महत्व बताया गया है। अनेक आत्माओ ने दान के दम पर अपने जीवन को सफल बनाया है। सुराणा ने कहा कि दान सिर्फ धन का ही नही होता है दान अनेक प्रकार का होता है। हम और हमारे परिवारजन हर रोज किसी ना किसी प्रकार का दान अवश्य निकाले। आज प्रवचन के दौरान पर्युषण पर्व के दौरान हो रही धार्मिक प्रतियोगिताओ के विजेताओ को संघ की ओर से पारितोषिक दिया गया। यहां पर पर्युषण पर्व बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनाए जा रहे है।