कंजार्डा। लोग जंगली जानवरों से तो पहले ही परेशान है वहीं खूंखार श्वान भी लोगों को परेशान कर रहे हैं। पठार पर जंगल होने की वजह से दूर दराज के इलाके में आसपास के शहर वासी नगर पालिका के श्वानों को पड़कर जंगलों में छोड़ देते हैं। श्वानों को जंगल में कुछ खाने को नहीं मिलता है तो वह भोजन के तलाश में गांव की ओर रुख कर लेते हैं इसके कारण ग्रामीण परेशान है। इन श्वानों का आतंक इतना बढ़ गया कि रात्रि में दिन में अकेला पशु बाड़े में या जंगल में नहीं जा सकता। अकेला पशु देख लिया तो यह खूंखार श्वान उन्हें अपना शिकार बना लेते हैं।
ग्रामीणों की शिकायत है कि इस ओर ग्राम पंचायत भी ध्यान नहीं दे रही है। इन खूंखार श्वानों के कारण जानवरों के छोटे बच्चों को बाड़ों में रखना किसी खतरे से कम नहीं है। परेशान ग्रामीणों ने श्वानों की जीवन लीला ही खत्म कर दी। दिन में तो सभी श्वान अलग अलग रहते है लेकिन रात होते ही सभी एक होकर अपने शिकार की तलाश में रहते है। रोजाना एक दो जानवरों को ये श्वान अपना शिकार बना लेते है।प्रशासन ध्यान दे कर आवश्यक कार्यवाही हेतु ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिव को निर्देशित करे ताकि समय रहते इन खूंखार श्वानों का पक्का इंतजाम किया जा सके।