सरवानिया महाराज। जब देश की हुकूमत अंग्रेजों के हाथो में थी। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के हम ग़ुलाम थे। ऐसे में देश को आज़ाद कराने हमारे देश के कई नेता देश के भारतवासियों को एक करने और अंग्रेजों के सामने लड़ाई लड़ने के लिये सभा पे सभा कर रहे थे। जब अंग्रेजी हुकूमत को इस बात का पता चला तो उन्होंने देश की आज़ादी के लिये लामबंद हो रहे हम सभी भारतवासियों को एक होने की सभाओ पर प्रतिबंध लगा दिया था तब हमारे भारत के एक महापुरुष लोकमान्य बालगंगाधर तिलकजी ने एक धर्म सभा का आयोजन किया कि गणपति बप्पा की पूजा करेंगे। इस बहाने सभी भारतवासियों को एक होना है। ये बात उन दिनो कि है जब हम गुलामी की बेड़ियों में जकड़ें हुए थे।
इस बात का जिक्र करते हुए आल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया ने कहा कि है गजानन देवा, हमारी कोई ताक़त नहीं है कि हम आप का विसर्जन करे? आप का विसर्जन करने से पहले हमारे में जो अवगुण पड़े है वो विसर्जन करने की ताक़त दो और हम साथ साथ देवो के देव महादेव का भी धर्म समझे। हम भी गणपति बप्पा के परम पिता दादा शंकर महादेवा की तरह विष भी अमृत की तरह पिये ये शक्ति हमे मिले। दादा गणपति दादा की मूर्ति की मिट्टी बनाके पूजा कराने वाले लोकमान्य तिलकजी ने हम सब को एक किया, अंग्रेजों के ख़िलाफ़ लड़ने के लिये विध्नहर्ता गणपतिजी के नाम हम सब इकट्ठा होते थे। शुरू शुरू में तो अंग्रेजों ने भी लोकमान्यजी के गणपति बप्पा की पूजा पे रोक नहीं लगाई लेकिन बाद में अंग्रेजों को भी ये पता चला कि भारतीय गणपति पूजन के बहाने इकठ्ठा होते हैं तो लोकमान्य जी को भी जेल में डाल दिया। मैं जब पूना लोकमान्यजी घर पर गया तो वहाँ जब उनके फोटो या उनके घर पर जिस तरह से दर्शाया गया है देखके आँख में आंसू आ गये। हम आज जो हसी ख़ुशी की ज़िंदगी जी रहे है इनके पीछे ऐसे देश के कई महापुरुषों का बलिदान है, उनकी लड़ाई है, उनकी देश के प्रति अनमोल भक्ति है। लोकमान्यजी ने भी अपनी ज़िंदगी देश के नाम कर दी थी। उन्होंने गणपतिजी का आशीर्वाद और सहारा लेके हम सभी को एक किया था | विध्नहर्ता गणपति बप्पा का देश को आज़ाद कराने यानी सर्जन करने में बहुत बड़ा योगदान है, कैसे उपकार भूले बप्पा का। हार्दिक हुंडिया का कहना है की है महा गजानन देवा, हमे ऐसी शक्ति दो की हमारे में जो बुराइयाँ है इस समय इनका भी विसर्जन करे और एक अनमोल हिंदू राष्ट्र का सर्जन में हम सब भागीदार बने और आपकी तरह हम भी सर्जन करे, कराये या करने में भागीदार बने।