BREAKING NEWS
KHABAR : नशा मुक्त भारत अभियान के तहत संस्कार.. <<     BIG REPORT : छात्रों की गूंज के जरिए राहुल गांधी ने.. <<     KHABAR : जिला अधिकारियों की बैठक में विभागीय.. <<     KHABAR : होमगार्ड विभाग का सात दिवसीय आपदा मित्र.. <<     KHABAR : जावरा में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार,.. <<     KHABAR : महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला.. <<     REPORT : 37 लाख रुपए की लागत से निर्मित अटल ग्राम.. <<     BIG REPORT : एसपी राजेश व्यास ने ली मैराथन अपराध.. <<     BIG NEWS : सीएम डॉ. मोहन का सुशासन पर जोर, कहा- न्याय.. <<     KHABAR : शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल बदलाव,.. <<     KHABAR : पीएम मोदी और सीएम मोहन यादव के पोस्टर पर.. <<     KHABAR : सिद्धान्त सिंह जादोन एवं भूमि अग्रवाल का.. <<     KHABAR : समीक्षा बैठक में नपा सीएमओ बामनिया ने.. <<     KHABAR : मनासा विधानसभा में विकास की रफ्तार तेज,.. <<     KHABAR : अगस्त माह की इस तारीख को जुटेगा भाजपा का.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
September 9, 2024, 11:09 am
BIG REPORT : दम फुलाने वाला तमाशा, सरवानिया की सड़क किनारे रस्सी पर झुलता बचपन, सरकारी हाथी के साक्षरता के झुठे दावों की दिखती तस्वीर, दो रोटी की भूख सोनी को सड़क पर खिंच लाई वो मजबूर थी लोगों ने समझा तमाशा, पढ़े दिनेश वीरवाल की खबर 

Share On:-

सरवानिया महाराज। नाम भले ही उसका सोनी है लेकिन होनी को कौन टाल सकता है, उपर वाले ने सोनी की किस्मत में ऐसी होनी लिखा होगा यह किसी ने कभी सोचा नहीं होगा। कि पढ़ने की उम्र में दो वक्त की रोटी की भुख सोनी को सड़क पर खिंच लायेगी , वो दो रोटी के लिए  मजबूर थी लोगों ने उसकी मजबूरी को तमाशा समझा और खुब तालियां बजाई।
जी हां मैं बात कर रहा हूं इन दिनों सरेराह भीड़भाड़ वाले इलाकों के बाजार में या सड़क किनारे आजकल एक रिक्शावाला गांव गांव शहर शहर घूम रहा है और उस रिक्शे पर सवार एक कम उम्र की लड़की जिसने अभी अपना बचपन भी जिया नहीं था और परिवार को पालने की जिम्मेदारी उठानी पड़ रही है । 
शहर में आज नीमच सिंगोली सड़क किनारे अनाउंसमेंट की आवाज कानों में पड़ी, कि एक बालिका रस्सी पर चलेगी ऐसा तमाशा दिखायेंगी की आप दांतों तले उंगली दबा लोगें और जब रुक कर देखा तो वाकई में एक बालिका जिसकी उम्र लगभग आठ दस साल होगी जो जमीन से आठ दस फीट ऊपर पाईपों के सहारे बंधी एक रस्सी पर बेखो़फ होकर चलकर और माथे पर वजन उठाकर लोगों का मनोरंजन कर रही थी । निचे रिक्शे में लगे अनाउंसमेंट में उसके पिता उसके इस दम फुलाने वाले करतब की प्रशंसा कर रहे थे। दर्शक और राहगीर इस करतब को देखकर  निचे रखी थाली में कोई दस बीस पचास रुपए बतौर इनाम रख रहे थे। और इसी थाली में आयें पैसे से उसका परिवार पल रहा है । ये बात दिगर है कि जिस बचपन को स्कूल में होना था वो बचपन परिवार के पेट पालने सड़क पर करतब दिखाते नजर आ रहा है और आजकल ऐसे नजारे आम बात है। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकारों के मक्कार और लापरवाह अधिकारियों के ये दावें की देश में अब कोई निरक्षर नहीं रहेगा। पढ़ेगा बचपन तो आगे बढ़ेगा भारत केवल और केवल दिखावे है। सरकारी हाथी की केवल झुठी चित्कार है। अगर यह गलत है तो फिर क्यों जिला प्रशासन की नज़र इस रिक्शेवाले पर नहीं पड़ी क्यों हजार हाथ वाले शासन को इस बालिका का बचपन यूं सड़क पर तमाशा बनता नज़र नहीं आया।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE