नीमच। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा नाथ संप्रदाय की आदि अनादी काल से चली आ रही अंतिम संस्कार समाधि देने की परंपरा को बदलकर दाह संस्कार करने का जो सार्वजनिक बयान भोपाल स्थित रविंद्र भवन में दिया गया है, उससे समस्त नाथ संप्रदाय की भावना को ठेस पहुंची है। समस्त नाथ संप्रदाय इस बयान का घोर विरोध करता है। नाथ संप्रदाय गुरु गोरखनाथ की परंपराओं और शिक्षाओं का पालन करता है तथा नाथ संप्रदाय नाथ योगियों अनुयायियों संतों साधकों सिद्धों से जुड़ा विषय है। समाधि देने की परंपरा हमारे वैदिक काल से चली आ रही है यह ना कि केवल हमारे समाज की परंपरा का प्रतीक है। बल्कि हमारे पूर्वजों के प्रति सम्मान और श्रद्धा है, जिसमें मृत आत्माओं की शांति और मोक्ष की प्राप्ति के सम्मान के साथ बिदा किया जाता है। मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रथा को बदलने का जो सार्वजनिक बयान दिया है, जिससे हमारे समाज की भावनाएं आहत हुई है। नीमच में भी नाथ सम्प्रदाय ने मुख्यमंत्री द्वारा दिए सार्वजनिक बयान से आहत हुआ है और आक्रोशित है। सीएम मोहन यादव से उनके बोले हुए शब्द वापस लेने की मांग की है और समाजजनों से माफ़ी मांगने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।