BREAKING NEWS
KHABAR : नशा मुक्त भारत अभियान के तहत संस्कार.. <<     BIG REPORT : छात्रों की गूंज के जरिए राहुल गांधी ने.. <<     KHABAR : जिला अधिकारियों की बैठक में विभागीय.. <<     KHABAR : होमगार्ड विभाग का सात दिवसीय आपदा मित्र.. <<     KHABAR : जावरा में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार,.. <<     KHABAR : महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला.. <<     REPORT : 37 लाख रुपए की लागत से निर्मित अटल ग्राम.. <<     BIG REPORT : एसपी राजेश व्यास ने ली मैराथन अपराध.. <<     BIG NEWS : सीएम डॉ. मोहन का सुशासन पर जोर, कहा- न्याय.. <<     KHABAR : शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल बदलाव,.. <<     KHABAR : पीएम मोदी और सीएम मोहन यादव के पोस्टर पर.. <<     KHABAR : सिद्धान्त सिंह जादोन एवं भूमि अग्रवाल का.. <<     KHABAR : समीक्षा बैठक में नपा सीएमओ बामनिया ने.. <<     KHABAR : मनासा विधानसभा में विकास की रफ्तार तेज,.. <<     KHABAR : अगस्त माह की इस तारीख को जुटेगा भाजपा का.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
September 9, 2024, 6:00 pm
NEWS : गांधीनगर स्थित नानू नवकार भवन में धर्म सभा का आयोजन, शांतक्रांति संघ की विदुषी महासती शीलप्रभा ने कहा- मोक्ष पाने का सबसे सरल उपाय है तप, पढ़े रेखा खाबिया की खबर 

Share On:-

चित्तौड़गढ़। गांधीनगर स्थित नानू नवकार भवन में आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुए शांतक्रांति संघ की विदुषी महासती शीलप्रभा ने बताया कि संवत्सरी का अर्थ है सम्यक आराधना की जाए। मोक्ष पाने का सबसे सरल उपाय है तप। मक्खन को तपाकर छाछ निकाल कर घी प्राप्त किया जा सकता है। तप शरीर की परीक्षा लेता है। जो धीर वीर होते ही वो तप करते हैं। तप हमारी आत्मा को पावन बना देता है। तप मैं असाता पर विजय पाने वाला इस परीक्षा में पास हो जाता है। अठारह पापों की आलोचना करने वाला सिद्धत्व को प्राप्त कर सकता है। पाप सभी से होते हैं। हम अपनी स्वयं की आलोचना , निंदा कर आत्मा को उज्जवल बनाएं। वचन एक सेतु है जो हमे बांधकर रखता है। जिनसे तपस्या नही हो सकती वे तपस्या करने वालों की अनुमोदना और गुणगान करके भी पुण्य कमा सकते हैं।
इससे पूर्व महासति राजश्री जी मसा ने अपने उद्बोधन में कहा कि गन्ने के जहां गांठ होती है वह रस नही आता। धागे में गांठ हो तो वहां से सिलाई नहीं की जा सकती उसी तरह हमारे अंतर की गांठे नहीं खुलेगी तब तक जीवन में रस नहीं आएगा। हमारे हृदय में न जाने कितनी ही गांठे भरी है। क्षमापना पर्व पर इन गठानों को खोलकर जीवन को सुंदर बनाएं। कषाय को जीतने वाले महापुरुष बन गए। सिद्ध बनने के लिए अवलोकन कर आत्मविकास करना होगा। सहन करने से सम्यक से जुड़ना सरल हो जाता है। महासती पुण्यप्रिया जी ने गीतिका श् गुरु ने राह दिखाई, अभी चलना ही बाकी, क्षमा का पाठ बड़ा है, अभी सीखना है बाकीश् से धर्मसभा को भाव विभोर किया। उन्होंने कहा कि जिनवाणी सुनने के लिए चार तरह को श्रोता आते हैं। वर्षभर सुनने वाले, चार माह चतुर्मास में सुनने वाले, पर्यूषण में आठ दिन सुनने वाले और संवत्सरी के दिन सुनने वाले। जन्म और मृत्यु का हम चयन नहीं कर सकते परंतु मध्य के जीवन को धर्म और तप के माध्यम से चयन कर सुधार सकते हैं। रात्रि भोजन त्याग जैनत्व की पहचान है। सभा में उपस्थित कई श्रावकों को रात्रि भोजन त्याग के प्रत्याख्यान कराए। 
साध्वी नित्यप्रभा जी ने कहा कि क्षमावाणी पर्व हमें जगाने आया है। समय आया है की हम बुरी यादों को दिमाग से निकाले। कुमारपाल राजा की तरह दयाभाव लाएं। भाव से आलोचना कर पुराने पापों को धो डालें। सभा के प्रारंभ में सुदर्शन सेठ, गजसुकुमाल, अर्जुन माली, श्रीकृष्ण, काली आदि रानियों के व्रतांतो से अंतकृत सूत्र का वाचन पूर्ण किया। अंत में विभिन्न तपस्वियों को ग्यारह, नौ, आठ, पांच, तेला, बेला, उपवास, एकासन, दया के प्रत्याखान राजश्री जी मसा ने कराए। साध्वी मंडल और धर्मसभा ने सभी की अनुमोदना और गुणगान किए। संघ मंत्री इंद्रेश कोठारी ने युवा संघ और महिला मंडल का सुंदर व्यवस्थाओं के लिए आभार जताया। सोमवार प्रातः 6.30 बजे सामूहिक क्षमापना और नवकारसी के बाद सामूहिक पारने नानू नवकार भवन में आयोजित होंगे।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE