चीताखेड़ा। जलझूलनी एकादशी ग्यारस पर चारभुजा नाथ मंदिर से भगवान श्री कृष्ण का बाल स्वरूप मुखोटे को संचित विशेष विमान में विराजमान करके भक्तों के कंधों पर बैठकर शनिवार को गांव की जनता के हाल जानने ढोल ढमाकों अखाड़े के साथ बड़े ही ठाट- बाट से शोभायात्रा के रूप में निकले।
भव्य शोभायात्रा ढोल-ढमाकों के साथ गांव के विभिन्न मार्गाे से भक्त मंडली के गायक कलाकार सुमधुर भजन गाते तथा अखाड़े के खिलाड़ी लेझिम बजाते तथा अपने करतब दिखाते, नाचते झूमते चारभुजानाथ की जय......., सांवलिया सेठ की जय......,आलकी की पालकी जय कन्हैया लाल की.....,हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की......जयघोष करते हुए चल रहे थे। नीम चौक पर अखाड़े का मुकाम लगाया गया। इससे पहले बजरंग बली के पुजारी श्री 108 श्री महंत बाल योगेश्वर दास जी महाराज, बजरंग मंदिर अध्यक्ष अंबालाल माली, बजरंग व्यायाम साला उस्ताद मुकेश भाई को अंजुमन कमेटी सदर जहूर शेख, खलीफा सलीम मंसूरी ने सहित कई गणमान्य लोगों ने साफा बंधवाकर फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात अखाड़े का मुकाम लगाया गया जिसमें मुस्लिम भाईयों ने भी अखाड़े में बनेटी, बाना, लठठ् घुमाकर हिन्दू मुस्लिम सौहार्दपूर्ण वातावरण का संदेश दिया। सभी खिलाड़ियों ने बारी-बारी से करतब दिखाए।
शोभायात्रा चारभुजा नाथ मंदिर से दोपहर 2.00 बजे प्रारंभ हुई बड़ी होली चौक, बड़ा गणपति मंदिर, शैख मोहल्ला, माणक चौक, नीम चौक से परिभ्रमण करते हुए चैनपुरा चौराहा पहुंचे। शोभायात्रा में मुख्य रूप से सुरक्षा दृष्टि से पुलिस सहायता केंद्र चौकी प्रभारी वीरेन्द्र सिंह बिसेन अपनी पुलिस टीम के साथ स्वयं ने बागडोर अपने हाथों में लिए हुए पूरी तरह से मुस्तैद रहे। जहां से अखाड़ा बजरंग मंदिर पहुंचा। वहीं बालस्वरूप मुखोटे को संचित विशेष विमान भडक सनावदा नदी पर स्नान हेतु ले जाया गया। जहां पर बाल स्वरूप भगवान लड्डू गोपाल को स्नान करवाने के बाद विशेष विमान को पुनः ढोल ढमाकों के साथ चारभुजा नाथ मंदिर लाया गया। जहां पर लड्डू गोपाल को पालने को झुले में विराजमान किया गया।