देवास। नेवरी डोल ग्यारस के अवसर पर सदियों से चली आ रही परंपरा को निभाते हुए नेवरी के ग्राम वासियों ने ढोल को तैयार कर नेवरी में एक जगह गणेश चौक में एकत्रित होते हैं ग्राम वासी महिला ढोल की पूजा कर गणेश चौक के मुख्य मार्गाे से होते हुए नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं व बरोठाफाटा पर गांगीनदी में पूजा अर्चना कर डोल को एक जगह रख देते हैं जहां पर महिलाएं ढोल की पूजा करती है डोल के साथ ही तेजाजी महाराज का निशान भी ढोल धमाकों के साथ भजन कीर्तन कर नाचते गाते नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए बरोठाफाटा पर शिलनाथ धोनी वाले बाबा के स्थान पर आते हैं जिसमें हजारों की संख्या में महिला पुरुष बच्चे एकत्रित होकर निशान के साथ-साथ भजन कीर्तन कर नाचते गाते निकलते हैं व शिलनाथ धोनी वाले बाबा के यहां पर महा आरती एवं प्रसाद वितरण किया जाता है।