शाजापुर। ग्राम बेहरावल में डोलग्यारस पर एकसाथ 13 डोल को तालाब के जल में झुलाया गया। तालाब की पाल पर गांव सहित आसपास क्षेत्र से आए लोग मौजूद थे। जिले में सबसे ज्यादा डोल इसी गांव में निकलते है। इस वर्ष भी यहां 13 डोल व 5 निशान निकाले गए। सुभाष चौक स्थित डोलनाथ मंदिर से चल समारोह शुरु हुआ। जगह-जगह ग्रामीणों ने पूजा की। राम मंदिर चौक, नीमवाला मंदिर, बडी़ सेरी होते डोल बडे़ तालाब पहुंचे। जब 13 डोल को एकसाथ जल में झुलाया गया तो सारा गांव जयकारे लगाने लगा। यहां बने मंच पर पंडित अजय जोशी व पंडित योगेश दुबे ने पूजा की।
गांव की और से ग्राम पंचायत द्वारा व क्षेत्रीय विधायक ने पूजा की। जिसमें समस्त जनप्रतिनिधि व ग्रामीणजन मौजूद थे। इसके बाद महाआरती कर प्रसाद वितरण हुआ।
पहलवानों ने हैरतगंज करतब दिखाए रू चौक पर इकत्र हुए अखाड़े के पहलवानों ने हैरतगंज करतब दिखाए। व्यवस्था के मद्देनजर यहां थाना प्रभारी व पुलिस दल के साथ मौजूद थे। इस बार ग्राम पंचायत द्वारा बहुत शानदार व्यवस्था की गई। बहार से आए जनप्रतिनिधी व अतिथियों के लिए टेंट लगाएं गए, पीने के पानी की व्यवस्था की गई।
गांव में भोजन नही बनता हैः यहां पूरे गांव मे इस दिन भोजन नही बनता है। ग्रामीण व्रत रखकर फलाहर ग्रहण करते है। रिश्तेदार को भी आमंत्रित किया जाता है, शाजापुर, शुजालपुर, सीहोर, कालापीपल क्षेत्र के साथ दूर-दराज के लोग भी यहां उत्सव देखने आते है । इस शुभ अवसर पर गांव बेहरावल में लगभग पंद्रह से बीस हजार लोग इस पर्व को देखने आते है। डोलग्यारस के दिन तालाब पर लोगों का जनसैलाब रहता है।