खरगोन। विघ्नहर्ता भगवान गणेश की 10 दिन तक पूजा.अर्चना करने के बाद मंगलवार को गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ..की कामना के साथ विदाई दी गई। दोपहर 12 बजे बाद पांडालों सहित घर. प्रतिष्ठानों में विसर्जन आरती के बाद प्रतिमाओं को विसर्जन स्थलों तक ले जाने का दौर शुरु हुआ। पीओपी से बनी प्रतिमाओं के विसर्जन से होने वाले जल एवं पर्यावरण प्रदूषण को देखते हुए पिछले कुछ वर्षाे की तरह वर्ष भी अधिकतर भक्तों ने इको फ्रेंडली प्रतिमाओं की न केवल स्थापना की बल्कि उनका विसर्जन भी इको फ्रेंडली तरीके से किया गया।
विसर्जन के दौरान कई ऐसे नजारे देखे गए जो अनुकरणीय है। नुतन नगर में मिट्टी की प्रतिमा की सेवा के बाद भक्ति भाव से पानी से भरे पात्र में प्रतिमा का विसर्जन किया। विसर्जन के पहले पूजन-अर्चन करने के बाद भक्तों ने बप्पा के सामने गरबा नृत्य किया एवं उनके अगले बरस जल्दी आने की कामना की।
नपा द्वारा शहर के कुंदा तट स्थित कालिका मंदिर के सामने अस्थायी कुंड का निर्माण किया गया, जहां दोपहर से देररात तक विसर्जन का दौर चलता रहा। युवा ढोल.नगाड़ों की थाप पर नृत्य करते हुए गणपति बप्पा को विदा करने के लिए विसर्जन पहुंचे। यहां तैनात गोताखोर श्रद्धालुओं से गणपति प्रतिमा लेकर विसर्जित करते नजर आए। यहां सुरक्षा को लेकर तैराक भी तैनात रहा। इसके अलावा कई भक्त बड़ी प्रतिमाओं को नर्मदा तटों पर भी ले गए।